नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। नगर निगम चुनाव नजदीक हैं और सत्तासीन भाजपा के सामने अपनी छवि की चिंता है। विरोधी दल निगमों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। इससे चिंतित पार्टी नेतृत्व अपनी छवि को साफ सुथरा दिखाने की कवायद में जुट गया है। तीन पार्षदों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाकर यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में कुछ और पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने रविवार को पार्षद पूजा मदान, रजनी बबलू पांडे व संजय ठाकुर को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

कहा गया है कि तीनों पार्षदों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप हैं। रजनी पांडे व ठाकुर के खिलाफ आप द्वारा गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। निकाले गए पार्षद कह रहे हैं कि उन्हें अपना पक्ष रखने का समय नहीं दिया गया। वहीं, गुप्ता का कहना है कि लगातार मिल रही शिकायतें और उचित जवाब नहीं मिलने पर यह कदम उठाया गया है। दरअसल भाजपा के सामने तीनों नगर निगमों पर चौथी बार कब्जा करने की चुनौती है। आप और कांग्रेस भाजपा शासित निगमों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों से भाजपा की मुश्किल बढ़ रही है।

पिछले चुनाव से पहले भी इस तरह के आरोप लग रहे थे और पार्टी ने लगभग सभी पार्षदों के टिकट काटकर नए चेहरे मैदान में उतारे थे। इस बार पार्टी ने आरोपित नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करके विरोधियों को मात देने का फैसला किया है। बताते हैं कि लगभग 15 अन्य पार्षदों के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच चल रही है। शिकायत सही पाए जाने पर उन्हें भी पार्टी से बाहर किया जाएगा। साथ ही अगले सप्ताह तक प्रत्येक वार्ड में दो-दो पर्यवेक्षकों की तैनाती की जाएगी। उन्हें कार्यकर्ताओं व जनता के बीच जाकर मौजूदा पार्षदों के बारे में फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार करनी है।

दिल्ली प्रदेश भाजपा (अध्यक्ष) का बयान

आम आदमी पार्टी (आप) भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने का सिर्फ दिखावा करती है। कई आप विधायकों व नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, लेकिन पार्टी नेतृत्व उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। भ्रष्ट नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। वहीं, भाजपा ने भ्रष्टाचार के आरोपित पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई करके स्पष्ट कर दिया है कि कोई समझौता नहीं होगा।

-आदेश गुप्ता (दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष)

Edited By: Vinay Kumar Tiwari