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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Metro: फेज 4 के दो नए कॉरिडोर को लेकर आया अपडेट, शुरू नहीं हो सका काम; जापानी कंपनी की वजह से हो रही देरी

Published: Sun, 25 Aug 2024 06:00 AM (IST)Updated: Sun, 25 Aug 2024 07:29 AM (IST)

दिल्ली मेट्रो के फेज 4 के दो नए कॉरिडोर के निर्माण में देरी हो रही है। इसका कारण है कि ...और पढ़ें

दिल्ली मेट्रो फेज 4 के दो नए कॉरिडोर निर्माण में देरी, जापानी कंपनी से लोन का इंतजार।
दिल्ली मेट्रो फेज 4 के दो नए कॉरिडोर निर्माण में देरी, जापानी कंपनी से लोन का इंतजार।

HighLights

  1. केंद्र सरकार से दो कारिडोर को स्वीकृति मिलने के पांच माह बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया डीएमआरसी
  2. जापान की एजेंसी से लिया जाना है 4309 करोड़ का लोन, डीएमआरसी को अभी इसकी नहीं मिली है स्वीकृति

रणविजय सिंह, नई दिल्ली। फेज चार के दो नए कॉरिडोर को केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलने के पांच माह बाद भी दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पाया है। इसका कारण यह है कि इस परियोजना पर अमल के लिए डीएमआरसी को करीब 4309 करोड़ के भारी भरकम लोन की जरूरत है।

लोन के चक्कर में फेज चार की इस परियोजना को अभी रफ्तार नहीं मिल पा रही है। डीएमआरसी को जापान की एजेंसी जाइका से लोन स्वीकृत होने का इंतजार है।

13 मार्च को मिली इसके निर्माण के लिए स्वीकृति

योजना के अनुसार फेज चार में इंद्रप्रस्थ से इंद्रलोक और लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक के बीच दो मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण किया जाना है। जिसकी कुल लंबाई 20.76 किलोमीटर होगी। केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पहले 13 मार्च को इन दोनों मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए स्वीकृति दी थी।

इसके बाद अब तक करीब पांच माह समय बीत चुका है। फिर भी अभी तक डीएमआरसी इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए अभी तक टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं कर पाया है।

65 किलोमीटर लंबाई के तीन कॉरिडोर 

फेज चार में पहले से करीब 65 किलोमीटर लंबाई के तीन कॉरिडोर निर्माणाधीन है। जिसमें जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर, मजलिस पार्क-मौजपुर और तुगलकाबाद-एरोसिटी कॉरिडोर शामिल है। इन तीनों कॉरिडोर को भी केंद्र सरकार से वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले मार्च के महीने में ही स्वीकृति मिली थी।

तब डीएमआरसी एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्दी शुरू कर दी थी। इससे दिसंबर 2019 से निर्माण कार्य शुरू हो गया था। इस बार केंद्र से स्वीकृति दो नए कॉरिडोर का निर्माण इस वर्ष के अंत तक शुरू हो पाने की संभावना अब बहुत कम है।

साकेत जी ब्लॉक मेट्रो लाइन पूरी तरह एलिवेटेड

फेज चार के दो नए कॉरिडोर में से एक लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक मेट्रो लाइन पूरी तरह एलिवेटेड होगी। वहीं इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ मेट्रो लाइन का करीब एक किलोमीटर हिस्सा छोड़कर बाकी पूरा हिस्सा भूमिगत होगा। इन दोनों कॉरिडोर का 8399.81 करोड़ रुपये की लागत से होना है। इस परियोजना के लिए करीब 1547 करोड़ रुपये केंद्र सरकार व करीब 1987 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार भुगतान करेगी।

जापान की एजेंसी जाइका से ऋण का इंतजार

करीब 4309 करोड़ रुपये जापान की एजेंसी जाइका से ऋण के रूप में लिया जाना है। शेष राशि डीएमआरसी अपने स्रोतों व पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के माध्यम से उपलब्ध कराएगा। डीएमआरसी का कहना है कि लोन के लिए जाइका से बातचीत चल रही है। स्वीकृति मिलने के बाद दोनों कॉरिडोर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

कॉरिडोर लंबाई भूमिगत एलिवेटेट स्टेशन
लाजपत नगर-साकेत 8.385 0.000 8.385 8
इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ 12.377 11.349 1.028 10
कुल 20.762 11.349 9.413 18

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