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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Kanjhawala Case: कार में कौन-कौन था मौजूद, अब सच आएगा सामने; आरोपितों की कराई जाएगी DNA जांच

By Jagran NewsEdited By: Abhishek Tiwari
Published: Sun, 08 Jan 2023 09:11 AM (IST)

Delhi Kanjhawala Death Case कार के अंदर मिले बाल और स्लाइवा से डीएनए मिलान होने की संभावना है। एफएसएल टीम ...और पढ़ें

Delhi Kanjhawala Case: कार में कौन-कौन था मौजूद, अब सच आएगा सामने
Delhi Kanjhawala Case: कार में कौन-कौन था मौजूद, अब सच आएगा सामने

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। Delhi Kanjhawala Case: सुल्तानपुरी की घटना के मामले में पुलिस हर वह साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है जिसके आधार पर अदालत में मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र दाखिल किया जा सके और आरोपितों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। डीएनए जांच के लिए एफएसएल की टीम ने छह आरोपितों के रक्त व बाल के नमूने लिए हैं। जांच से पता लग जाएगा कि 31 दिसंबर की रात घटना के दौरान कार में कौन-कौन चार आरोपित मौजूद थे।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि घटना के बाद एक जनवरी की तड़के आरोपितों से पूछताछ में पहले यह पता चला था कि घटना के दौरान बलेनो कार में पांच युवक सवार थे। जिससे पुलिस ने पांचों आरोपित मनोज मित्तल, मिथुन, कृष्ण, अमित खन्ना व दीपक खन्ना को गिरफ्तार कर लिया था। तीन दिन बाद पता चला कि घटना के दौरान बलेनो कार में दीपक खन्ना नहीं था।

मामले में नया मोड़ आने पर पुलिस के सामने यह चुनौती आ गई कि वह यह साबित करे कि घटना के दौरान कार में सच में चार ही आरोपित सवार थे। मौजूदगी का पता लगाने के लिए ही पुलिस ने डीएनए जांच कराने का निर्णय लिया।

कई घंटे तक कार में बैठे रहे आरोपित

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि आरोपितों के बाल और स्लाइवा से डीएनए मैच कराकर पता लगाया जाएगा। आरोपित कई घंटे तक कार में बैठे रहे। जिससे सबसे अधिक संभावना है कि उनका स्लाइवा व बाल जरूर गिरे होंगे। इनमें किसी एक से भी आसानी से आरोपितों का डीएनए मिलान हो सकता है। कार के अंदर से बाल व फिंगरप्रिंट के फोटोग्राफ भी लिए गए हैं।

कार से बरामद बाल, स्टेयरिंग, सीट आदि जगह से प्राप्त फिंगरप्रिंट की जांच की जा रही है। संजय गांधी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एसके अरोड़ा ने बताया कि सुल्तानपुरी मामले में एक जनवरी से ही आरोपितों को मेडिकल जांच के लिए लाया जा रहा है। एक जनवरी से लेकर पांच जनवरी की रात तक छह आरोपितों के खून के नमूने लिए गए। नमूने जांच के लिए भेजे गए।

सभी इंस्पेक्टरों को गश्त करने के निर्देश

सुल्तानपुरी घटना में पुलिस की किरकिरी होने पर आला अधिकारियों ने आदेश जारी किए हैं कि रोहिणी व बाहरी जिले में एसएचओ, एटीओ और ब्रेवो सभी तीनों इंस्पेक्टर रात भर इलाके में गश्त करेंगे। रात 12 बजे से सुबह चार बजे के बीच का अपनी लाइव लोकेशन साझा करेंगे। बिना डीसीपी की अनुमति के वे थाना नहीं छोड़ेंगे।

पुलिस ने हादसे का किया दृश्य रूपांतरण

अंजलि की दोस्त निधि शुक्रवार सुबह पुलिस जांच के लिए गई थी। शनिवार रात नौ बजकर 15 मिनट पर वह घर लौटी। इस दौरान निधि को उस स्थान पर ले जाया गया, जहां पर कार के साथ दुर्घटना हुई थी। सूत्रों के अनुसार, निधि को पहले अंजलि के घर लेकर जाया गया। उसके बाद होटल व उसके बाद में कृष्ण विहार के शनि बाजार रोड पर उस जगह ले जाया गया, जहां पर उसकी दुर्घटना हुई थी। इसके बाद उन गलियों में भी ले जाया गया, जिन गलियों से होकर वह देर रात को घर पहुंची थी। पुलिस ने पूरे हादसे का दृश्य रूपांतरण किया।

पुलिस निधि के बयानों को सीसीटीवी फुटेज के साथ जोड़कर देख रही है। इससे पहले जांच में जुटी टीम ने आरोपित दीपक को भी साथ लेकर पूरे हादसे का दृश्य रूपांतरण कराया था। आरोपिातों ने मुरथल से आने की बात कही थी। इसके बाद कंझावला में टक्कर होने के बाद से जहां-जहां गए, उस क्षेत्र से मोबाइल का डंप डाटा लेने के बाद कई अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी हैं। तथ्यों को आपस में जोड़ा जा रहा है।

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