नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। ऑक्सीजन सिलेंडर केस में मामले दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री इमरान हुसैन को बड़ी राहत मिली है। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके खिलाफ ऑक्सीजन की होर्डिंग से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान दिल्ली के मंत्री इमरान हुसैन ने कोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए एमिकस को वो सभी बिल दिखाएं, जिसमें उन्होंने ऑक्सीजन हरियाणा से मंगा कर आम लोगों में बांटी थी। दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी कि इमरान हुसैन ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे हैं और सरकार से ऑक्सीजन लेकर उसे आम लोगों में बांट रहे हैं। एमिकस (कोर्ट मित्र) राजशेखर राव ने बृहस्पतिवार  को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि वह पूरी तरह से संतुष्ट है कि ऑक्सीजन मंत्री के द्वारा दिल्ली से नहीं बल्कि हरियाणा से मंगाई गई, जिसके बाद आज दिल्ली हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए इमरान हुसैन के खिलाफ चल रहे मामले को बंद कर दिया है।

मंत्री इमरान हुसैन ने एमिकस को जानकारी दी है कि उन्होंने ऑक्सीजन के 10 सिलेंडर भी दिल्ली से किराए पर लिए थे। हालांकि, इन सिलेंडरों को भरवाने के लिए गैस पड़ोसी राज्य हरियाणा से ही मंगाई गई थी।

बता दें कि इमरान हुसैन के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका  दायर कर अवमानना की कार्यवाही करने की मांग की गई थी, वहीं, इमरान हुसैन की ओर से कोर्ट को सफाई दी गई कि उन्होंने ऑक्सीजन दिल्ली से नहीं ली बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा से किसी तरह अरेंज करके अपने विधानसभा क्षेत्र के आम लोगों तक पहुंचाई।