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बाढ़ को लेकर दिल्ली सरकार अलर्ट, मंत्री आतिशी ने यमुना नदी के निचले इलाकों का किया दौरा; बोलीं- शॉर्ट नोटिस पर भी एक्शन के लिए तैयार

मंत्री आतिशी ने बताया कि पिछले मानसून में यमुना नदी का जलस्तर 208 मीटर से ऊपर पहुंच गया था। दिल्ली में इससे पहले साल 1978 के दौरान आई बाढ़ में पानी 207 तक ही गया था। फिलहाल यमुना खतरे के निशान से काफी नीचे है। अगर बाढ़ की स्थिति बनी तो हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए ताकि दिल्ली वालों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

By Jagran News Edited By: Amit Singh Wed, 10 Jul 2024 06:04 PM (IST)
मंत्री आतिशी ने यमुना नदी के निचले इलाकों का किया दौरा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार में मंत्री आतिशी ने आज बाढ़ को लेकर तैयारियों की समीक्षा के लिए लोहा पुल और यमुना बाजार के निचले इलाकों का दौरा किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पिछले साल मानसून के दौरान दिल्ली में 40 साल में सबसे ज्यादा जलस्तर बढ़ा था। इसके चलते दिल्ली सरकार ने अभी से बाढ़ को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।

जल मंत्री आतिशी ने कहा कि आज हम पुराने लोहा पुल के सामने हैं, यहां यमुना बाजार भी है जो दिल्ली के निचले इलाकों में से है। पिछली बार सबसे पहले इसी इलाके में बाढ़ आई थी। आज हमने राजस्व व सिंचाई विभाग के अधिकारियों साथ यहां स्थिति का जायज लिया है। दिल्ली सरकार पूरी तरह तैयार है, अगर हमें शॉर्ट नोटिस पर भी लोगों को बाहर निकालना पड़ा तो हम इसके लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अभी जलस्तर खतरे के निशान के बहुत नीचे है लेकिन फिर भी हम हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

— ANI (@ANI) July 10, 2024

मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री आतिशी ने बताया कि पिछले मानसून में यमुना नदी का जलस्तर 208 मीटर से ऊपर पहुंच गया था। दिल्ली में इससे पहले साल 1978 के दौरान आई बाढ़ में पानी 207 तक ही गया था। फिलहाल यमुना खतरे के निशान से काफी नीचे है। दिल्ली सरकार सतर्क है अगर बाढ़ की स्थिति बनती है तो हमारी पूरी तैयारी होनी चाहिए, ताकि दिल्ली वालों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का सवाल पर मंत्री आतिशी ने कहा कि कुछ दिनों पहले बैराज से 10 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, वरना अभी 350 क्यूसेक पानी ही छोड़ा जा रहा है। आपको बता दें, दिल्ली में पिछले बार आई बाढ़ की वजह से आम आदमी सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। मौजूदा मानसून के सीजन में बाढ़ को लेकर राज्य सरकार सतर्क नजर आ रही है। इस साल जुलाई के पहले हफ्ते में ही कई राज्यों में बाढ़ का कहर देखने को मिला। इसमें असम, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के कई इलाके शामिल हैं।