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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Liquor Policy: क्या है दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति, उठे सवाल तो शुरू हुई CBI जांच

By Abhishek TiwariEdited By:
Published: Fri, 19 Aug 2022 10:41 AM (IST)Updated: Sat, 20 Aug 2022 08:12 AM (IST)

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Delhi Excise Policy : क्या है दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति, उठे सवाल तो शुरू हुई CBI जांच
Delhi Excise Policy : क्या है दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति, उठे सवाल तो शुरू हुई CBI जांच

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के कथित उल्लंघन और प्रक्रियागत खामियों को लेकर इसकी सीबीआई जांच कराए जाने की सिफारिश करीब एक माह पूर्व 22 जुलाई को थी।

उन्होंने यह सिफारिश मुख्य सचिव की ओर से राजनिवास को आठ जुलाई को सौंपी गई उस रिपोर्ट के आधार पर की थी, जिसमें इन सभी खामियों के बारे में बताया गया है। रिपोर्ट की एक प्रति मुख्यमंत्री को भी भेजी गई थी।

राजनिवास की ओर से जारी बयान के मुताबिक इस रिपोर्ट से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम 1991, व्यापारिक लेनदेन की नियमावली-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम 2009 और दिल्ली आबकारी नियम 2010 के उल्लंघनों का प्रथम दृष्टया पता चलता है।

आबकारी नीति में गिनाई गई हैं कई सारी वित्तीय खामियां

रिपोर्ट में कहा गया है कि शराब उत्पादन, होलसेलर और बिक्री से जुड़ा काम एक ही व्यक्ति की कंपनियों को दिया गया, जो कि आबकारी का सीधे तौर पर उल्लंघन है। इसके साथ ही नीति में कई सारी वित्तीय खामियां भी गिनाई गई हैं। अधिकार नहीं होने के बावजूद आबकारी नीति में बदलाव किए जाने को लेकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर भी सवाल उठाए गए हैं।

दिल्ली की आबकारी नीति 2021-22 क्या है? (Delhi Excise Policy 2021-22)

नई आबकारी नीति के जरिए दिल्ली सरकार शराब खरीदने का अनुभव बदलना चाहती थी। नई नीति में होटलों के बार, क्लब्स और रेस्टोरेंट्स को रात तीन बजे तक ओपन रखने की छूट दी गई है। वे छत समेत किसी भी जगह शराब परोस सकेंगे।

इससे पहले तक, खुले में शराब परोसने पर रोक थी। बार में किसी भी तरह के मनोरंजन का इंतजाम किया जा सकता है। इसके अलावा बार काउंटर पर खुल चुकीं बोतलों की शेल्फ लाइफ पर कोई पाबंदी नहीं होगी।

नई आबकारी नीति पर क्या आपत्तियां रही हैं? (New Excise Policy)

  • नई नीति जो दिल्ली को 32 जोन में बांटती है, उसके मुताबिक बाजार में केवल 16 खिलाड़ियों को इजाजत दी जा सकती है और यह एकाधिकार को बढ़ावा देगी।
  • विपक्षी दलों का आरोप है कि नई आबकारी नीति के जरिए केजरीवाल सरकार ने भ्रष्टाचार किया।
  • दिल्ली में शराब के कई छोटे वेंडर्स दुकानें बंद कर चुके हैं। उनका कहना है कि कुछ बड़े प्लेयर्स अपने यहां स्टोर्स पर भारी डिस्काउंट से लेकर आफर्स देते रहे हैं, इससे उनके लिए बिजनेस कर पाना नामुमकिन हो गया है।
  • अदालतों में वकीलों ने कहा कि उन्हें थोक कीमत के बारे में पता है, लेकिन यह साफ नहीं है कि उन्हें किस दाम पर शराब की बिक्री करनी होगी।

उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने कोरोना के नाम पर शराब ठेकेदारों को पक्षपातपूर्ण तरीके से फायदा पहुंचाते हुए उनकी 144.36 करोड़ की लाइसेंस फीस माफ कर दी जिससे दिल्ली के राजस्व को भारी नुकसान हुआ।

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