विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Delhi Crime News: सांसद को बेच दी बैंक के पास गिरवी संपत्ति, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी गिरफ्तार

By Pradeep ChauhanEdited By:
Published: Sun, 14 Nov 2021 08:34 PM (IST)

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इओडब्ल्यू) ने झांसी से लोकसभा सदस्य को बैंक में गिरवी संपत्ति को बेचने के ...और पढ़ें

सांसद काे ठगी का पता चला तो उन्होंने वर्ष 2019 में ईओडब्ल्यू में ठगी का मामला दर्ज कराया।
सांसद काे ठगी का पता चला तो उन्होंने वर्ष 2019 में ईओडब्ल्यू में ठगी का मामला दर्ज कराया।

नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (इओडब्ल्यू) ने झांसी से लोकसभा सदस्य को बैंक में गिरवी संपत्ति को बेचने के मामले में एक सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी को गिरफ्तार किया है। आरोपित विनोद शर्मा ने सांसद को बिजवासन में एक संपत्ति 5.55 करोड़ रुपये में बेची थी। इसी संपत्ति पर आरोपित ने पहले से ही 20 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज लिया हुआ था।

जब सांसद काे ठगी का पता चला तो उन्होंने वर्ष 2019 में ईओडब्ल्यू में ठगी का मामला दर्ज कराया। दो वर्ष बाद पुलिस ने पंचशील एंक्लेव निवासी विनोद को गिरफ्तार किया है। अतिरिक्त आयुक्त आरके सिंह के मुताबिक, झांसी के लोकसभा सदस्य अनुराग शर्मा को दिल्ली के बिजवासन इलाके में एक संपत्ति दिखाई गई थी। उन्हें यह संपत्ति 5.55 करोड़ रुपये में विनोद शर्मा ने बेची। इसपर विनोद ने पहले से बैंक में गिरवी रखकर 20.22 करोड़ रुपये का कर्ज ले रखा था।

साथ ही इस इस संपत्ति को डीएमआरसी ने लीज पर ले रखा था। डीएमआरसी की ओर से प्रति महीने आठ से नौ लाख रुपये प्रति महीने भुगतान किया जा रहा था। सांसद को जब ठगी का पता चला तो उन्होंने ईओडब्ल्यू से शिकायत की। सबसे पहले डीएमआरसी और बैंक से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। इससे पता चला कि बैंक से कई कर्ज इसी संपत्ति पर लिए गए हैं। उन्हें पहले पता चला कि 4.12 करोड़ रुपये का कर्ज है, जबकि 20.22 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज पहले भी लिया गया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 21 फरवरी 2017 को संपत्ति बेची गई थी। इसके बाद भी आरोपित ने जनवरी 2018 में डीएमआरसी के साथ लीज के करार को आगे बढ़ाया था। उसने यह डीएमआरसी को यह नहीं बताया कि संपत्ति बेच दी गई है। मामले में एसीपी रमेश नारंग की देखरेख में इंस्पेक्टर नितिन और एसआइ अश्वनी की टीम आरोपित विनोद शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।