नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के खिलाफ लो-फ्लोर बसों की खरीद से संबंधित मामले में दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि मुकदमे का राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को संज्ञान लिया। एडिशनल चीफ मेटोपालिटन मजिस्ट्रेट र¨वद्र कुमार पांडे ने समन से पहले साक्ष्य के तौर पर शिकायतकर्ता से पूछताछ के लिए 18 सितंबर की तारीख तय की है। कैलाश गहलोत ने आरोप लगाया है कि गुप्ता ने उन्हें बदनाम किया और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल किया।

उन्होंने कहा कि है कि गुप्ता ने जानबूझकर, दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों व राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए उन पर मौखिक व लिखित मानहानिकारक व निंदनीय आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बसों की खरीद में घोटाला होने का झूठा आरोप लगाया गया है, जबकि इस संबंध में उच्चाधिकार समिति ने उन्हें क्लीन-चिट दे दी है। इसके बावजूद भी गुप्ता ने उनके खिलाफ ट्विटर पर आपत्तिजनक पोस्ट किए।

तालाब में डूबकर मौत मामले में परिवार को मिले मुआवजा : मनोज त्यागी

वहीं, पूर्वी निगम के नेता विपक्ष मनोज त्यागी ने पिछले दिनों गाजीपुर इलाके में तालाब में डूबकर बच्चे की मौत मामले में निगम से परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। मनोज त्यागी ने बुधवार को इस संबंध में महापौर श्याम सुंदर अग्रवाल को एक ज्ञापन भी सौंपा है। इसमें उन्होंने मुआवजे के साथ परिवार के लिए रोजगार की व्यवस्था करने की भी अपील की है। मनोज त्यागी ने कहा कि यह तालाब पूर्वी निगम के क्षेत्र में आता है। इसके आसपास सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। इसकी वजह से 28 अगस्त में इसमें डूबकर एक दस साल के बच्चे की मौत हो गई थी।

मनोज त्यागी ने कहा कि वह परिवार से मिले थे। उनकी माली हालत काफी खराब है। ऐसे में निगम को मदद का हाथ बढ़ाना चाहिए। इसलिए परिवार को अतिशीघ्र मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए। ताकि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।

 

Edited By: Mangal Yadav