नई दिल्ली, जेएनएन। 354 करोड़ रुपये के बैंक लोन घोटाले में आरोपित रतुल पुरी का रिमांड खत्म होने के बाद ईडी ने मंगलवार को राउज एवेन्यू की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने पुरी को 17 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।

बता दें कि रतुल पुरी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे हैं। वहीं दूसरी विशेष अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में पुरी के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी कर बुधवार को अदालत में पेश करने के लिए कहा है। पुरी ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आत्मसमर्पण करने की अर्जी दायर कर रखी है और बुधवार को इस अर्जी पर सुनवाई होनी है।

सीबीआइ ने 17 अगस्त को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शिकायत पर रतुल पुरी, दीपक पुरी और नीता पुरी के खिलाफ केस दर्ज किया था। आरोप है कि कागजों से छेड़छाड़ कर 354 करोड़ रुपये का लोन लिया गया। सीबीआइ के बाद ईडी ने भी यह मामला दर्ज किया था और 20 अगस्त को पुरी को गिरफ्तार कर लिया गया था। तब से रतुल पुरी ईडी की रिमांड पर थे। गलत ढंग से लोन लेने का मामला रतुल पुरी के पिता दीपक पुरी की कंपनी मोजर बेयर से जुड़ा है। 2012 में रतुल पुरी इस कंपनी के कार्यकारी निदेशक थे और उसी अवधि में लोन लिया गया था, लेकिन बाद में रतुल पुरी ने खुद को कंपनी से अलग कर लिया था।
सरेंडर करने की याचिका बुधवार को फैसला
उधर, दिल्ली की रॉउज एवेन्यू कोर्ट ने रतुल पुरी की अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर सौदा दलाली मामले में सरेंडर करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट को बुधवार शाम 3 बजे रतुल पुरी को कोर्ट में पेश करने का आदेश देते हुए प्रोडक्शन वारंट जारी किया। कोर्ट रतुल पुरी की सरेंडर करने की याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाएगा। आपको बता कि 354 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में ED की रिमांड खत्म होने पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।

रतुल पुरी पर बैंक लोन धोखाधड़ी का आरोप

बता दें कि ईडी ने 354 करो़ड़ रुपये के बैंक लोन धोखाध़़डी के एक नए केस में उद्योगपति और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को गिरफ्तार किया था। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, कारोबारी रतुल पुरी समेत सभी पर कथित तौर पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

रतुल पुरी पर ये भी है आरोप
कारोबारी रतुल पुरी बैंक लोन धोखाधड़ी के अलावा वीवीआईपी अगस्‍ता वेस्‍टलैंड केस से जुड़े मनी लॉड्रिंग के मामले में भी आरोपित हैं। 3600 करोड़ रुपये के वीवीआईपी अगस्‍ता वेस्‍टलैंड केस से जुड़े धन शोधन मामले में सरकारी गवाह बने बिचौलिये और दुबई के कारोबारी राजीव सक्सेना के बयान में रतुल पुरी का नाम सामने आया है। इसके बाद ईडी ने उस पर शिकंजा कसना शुरू किया है। बता दें कि फरवरी 2010 में कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार ने ब्रिटिश-इटैलियन कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड के साथ वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीद का सौदा किया था। इसके तहत 12 हेलिकॉप्टरों की खरीद होनी थी।

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Posted By: Mangal Yadav

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