नई दिल्ली (जेएनएन)। अपनी शैक्षिक योग्यता के बारे में गलत सूचनाएं देने का आरोप झेल रहीं केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने राहत प्रदान करते हुए उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्हें अदालत में बुलाने की अपील की गई थी।

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट एक याचिका दायर करके यह आग्रह किया गया था कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री को अदालत में तलब किया जाए।

कोर्ट के पहले के निर्देश के अनुरूप ईरानी की शैक्षणिक योग्यता के बारे में दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने पिछली सुनवाई में मेट्रोपोलिटन मेजिस्ट्रेट हरविंदर सिंह के समक्ष एक सीलबंद लिफाफे में कुछ रिकॉर्ड पेश किया था।इसके बाद कोर्ट ने कहा था कि इस पर आज आदेश सुनाया जाएगा। कोर्ट ने छह अक्टूबर को चुनाव आयोग के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मामले में स्पष्टीकरण के लिए कुछ दस्तावेजों की जरूरत है।

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पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने ईसीआई के अधिकारी से स्मृति की ओर से दाखिल चुनाव से जुड़े शपथपत्रों के सत्यापन का एक प्रमाणपत्र पेश करने को कहा था। कोर्ट ने यह देखकर ऐसा कहा था कि कोर्ट में जो शपथपत्र दिखाए गए हैं वे आयोग की वेबसाइट पर जो इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड हैं, उनकी ही प्रतियां हैं।

शिकायतकर्ता के वकील ने अदालत के बाहर इंतजार कर रहे मीडियाकर्मियों से कहा कि उस समय आयोग ने कहा था कि स्मृति ईरानी का वर्ष 2004 का मूल शपथपत्र गुम हो गया है।

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कोर्ट अहमेर खान की एक निजी शिकायत की सुनवाई कर रही है। याचिकाकर्ता ने ईरानी पर आरोप लगाया है कि स्मृति ने निर्वाचन आयोग के समक्ष वर्ष 2004, 2011 और 2014 के लोकसभा और राज्यसभा चुनावों में दिए गए शपथपत्रों में अपनी शैक्षिक योग्यता अलग-अलग बताई है, जिस कारण संदेह उत्पन्न हुआ है।

खान ने पिछले साल अप्रैल में शिकायत दर्ज कराई थी और शपथ पत्र लेकर अपनी शैक्षिक योग्यता को लेकर झूठ बोलने को लेकर स्मृति ईरानी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।

क्या हैंं आरोप

खान के वकील केके मेनन और अंजलि राजपूत का आरोप है कि स्मृति ईरानी ने दिल्ली के 2004 के लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक क्षेत्र से भरे गए नामांकन में खुद को दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से 1996 बैच की ग्रेजुएट बताया था।

वहीं, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में जब ईरानी ने उत्तर प्रदेश की अमेठी से लोकसभा चुनाव के लिए भरे गए शपथपत्र में उन्होंने कहा कि 1994 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग से बी.कॉम पार्ट-1 किया है।

वहीं, अहमेर खान का आरोप है कि वर्ष 2011 में गुजरात से राज्यसभा के चुनाव में दाखिल हलफनामे में उन्होंने कहा है कि उनकी हायर एजुकेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कॉरेस्पांडेंस से बी. कॉम पार्ट-1 है।

Posted By: Ramesh Mishra

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