नई दिल्ली, स्वेदश कुमार। कोरोना संक्रमण की दर पिछले कुछ दिनों से स्थिर हो गई है। पिछले तीन दिनों से यह दर 0.09 फीसद बनी हुई है। वहीं नए मामले भी लगातार दूसरे दिन 66 आए हैं। गत 19 जुलाई को यह दर 0.06 फीसद थी। इसके बाद इसमें मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले 24 घंटे में कोरोना के 72 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इस तरह से अब राजधानी में 579 सक्रिय मामले रह गए हैं। पिछले एक दिन में दो मरीजों की मौत भी दर्ज की गई है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 70,758 सैंपल की जांच की गई। इसमें आरटीपीसीआर से 49,568 और एंटीजन किट से 21,256 जांचें की गई। अब तक राजधानी में कुल 2,32,58,328 सैंपल की जांच हो चुकी है। अब तक 14,35,910 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।

इनमें से 14,10,288 लोगों ने इस महामारी पर विजय प्राप्त की है। वहीं 25,043 लोगों ने दम तोड़ दिया है। इस तरह से इस महामारी से मृत्यु दर 1.74 फीसद है। अस्पतालों में अब कोरोना के 337 मरीज रह गए हैं। वहीं 167 मरीज घर में क्वारंटाइन हैं। अन्य कोविड हेल्थ सेंटरों में भर्ती हैं। संक्रमण के मामले कम होने के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी लगातार कम हो रही है। राजधानी में अब 309 कंटेनमेंट जोन रह गए हैं।

कोरोना योद्धाओं के स्वजन को आर्थिक सहायता दे दिल्ली सरकार: बिधूड़ी

इधर, भाजपा ने दिल्ली सरकार से कोरोना काल में मारे गए प्रत्येक योद्धा के स्वजन को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। भाजपा विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी घोषणा पर अमल नहीं कर रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे लेकर नाराजगी भी जताई है।

सरकार को अदालत के आदेश का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले योद्धाओं की मौत पर उनके स्वजनों को एक-एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसमें भेदभाव किया जा रहा है। कांस्टेबल अमित कुमार की पिछले वर्ष कोरोना से मृत्यु हो गई थी।

मुख्यमंत्री ने उनके स्वजन को एक करोड़ की आर्थिक सहायता देने को लेकर ट्वीट भी किया था। यह वादा पूरा नहीं किया गया। उनकी पत्नी को अनुग्रह राशि के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में फरियाद करनी पड़ी। दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री को अपनी घोषणा पर अमल करने को कहा है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लगभग पांच सौ योद्धाओं की मौत हुई है।

Edited By: Prateek Kumar