नई दिल्ली [रणविजय सिंह]। कोरोना को हल्के में लेकर ज्यादातर लोगों ने मास्क का इस्तेमाल बंद कर दिया है। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ-साथ मौत के मामले भी बढ़ गए हैं। इसलिए कोरोना को हल्के में लेकर बचाव से लापरवाही भारी पड़ सकती है। स्थिति यह है कि सोमवार को दिल्ली में कोरोना की संक्रमण दर 17.85 प्रतिशत थी, जो 21 जनवरी के बाद करीब साढ़े छह माह में सबसे अधिक थी।

संक्रमण दर पहले के मुकाबले हुई कम

अब संक्रमण दर 17.85 प्रतिशत से घटकर 15.41 प्रतिशत हो गई है। फिर भी मंगलवार को दिल्ली में कोरोना के 2495 नए मामले आए और 1466 मरीज ठीक हुए हैं। लेकिन चिंताजनक यह है कि 24 घंटे में कोरोना से सात मरीजों की मौत हो गई है।

मौत का आंकड़ा बढ़ने से बढ़ी चिंता

यह पिछले कुछ महीनों में एक दिन में मौत का सर्वाधिक आंकड़ा है। इसके एक दिन पहले भी दिल्ली में कोरोना से छह मरीजों की मौत हो गई थी। इस वजह से दो दिनों में 13 मरीजों की मौत हो चुकी है। जून से लेकर अब तक दिल्ली में कोरोना के कुल 66,498 मामले आ चुके हैं। इस दौरान कुल 59,462 मरीज ठीक हुए हैं।

नौ दिनों में 32 मरीजों की हुई मौत

वहीं कुल 133 मरीजों की मौत हुई है। इसमें से 32 मरीजों की मौत इस माह अब तक नौ दिनों में हुई है। इन नौ दिनों में कोरोना के 17,623 मामले आए हैं। मौजूदा समय में दिल्ली में कोरोना के कुल 8506 सक्रिय मरीज हैं। जिसमें से 507 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से 16 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और 130 मरीज आक्सीजन सपोर्ट पर हैं। कंटेनमेंट जोन की संख्या 253 है।

इस माह इस तरह बढ़े कोरोना के मामले

Edited By: Prateek Kumar