नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। पंजाब में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या 90 पहुंच गई है। इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मामले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की है। केजरीवाल ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि शराब माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार को तुरंत आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है।

जहरीली शराब से मृतकों की सख्या में बढ़ोतरी पर सीएम ने केजरीवाल ने चिंता जताई और पंजाब से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा कि इस मामले को तुरंत सीबीआइ को सौंप दिया जाना चाहिए क्योंकि पिछले कुछ महीनों से अवैध शराब के मामले बढ़े हैं। इन मामलों में से कोई केस स्थानीय पुलिस तरफ से हल नहीं किया गया है।

बता दें कि पंजाब में आम आदमी पार्टी विपक्ष में है। साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 20 सीटें मिली थी। आप ने विधानसभा चुनाव भ्रष्टाचार, नशीले पदार्थों की तस्करी और अन्य मुद्दों पर लड़ा था। पार्टी को पहली ही बार में 20 सीटें मिली थी। जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने सरकार बनाई थी। 

पंजाब में जहरीली शराब से अब तक 90 की मौत

पंजाब में जहरीली शराब पीकर मरने वालों की संख्या शनिवार को बढ़कर 90 हो गई। शनिवार को 41 लोगों की मौत हुई। इनमें 37 तरनतारन, एक अमृतसर और तीन बटाला के रहने वाले थे। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपये देने का एलान किया है।

क्या है मामला

पंजाब के तीन सीमावर्ती जिलों तरनतारन, अमृतसर और गुरदासपुर में जहरीली देसी शराब पीने से शुक्रवार को 42 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक दिन पहले भी अमृतसर में सात लोगों की मौत हुई थी। हालांकि, सरकार ने सिर्फ 38 मौतों की पुष्टि की थी। शनिवार तक कुल 90 लोगों की मौत की पुष्टि हुई। मामला सामने आने के बाद करीब 100 जगहों पर पुलिस ने छापामारी की। तीन ढाबों को सील कर दिया गया। पटियाला, अमृतसर, गुरदासपुर और तरनतारन में छापामारी करके 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को भी आठ आरोपित पकड़े गए थे।

 

Posted By: Mangal Yadav

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