नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। दिल्ली में कोरोना के खराब होते हालात के बीच कांग्रेस ने कोरोना पीड़ितों और उनके परिजनों के प्रति साहनुभूति जताते हुए केजरीवाल सरकार से पीड़ितों का निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने की मांग की है। दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने रविवार को ट्वीट कर कहा कि कोरोना के चलते लगाए गए लाॅकडाउन से मध्यम और निम्नवर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

निजी अस्पताल लोगों को लूट रहे

चोपड़ा ने आरोप लगाया कि कोरोना की विषम परिस्थितियों में भी दिल्ली के निजी अस्पताल लोगों को नोंचने में लगे हुए हैं। आक्सीजन की मांग वह सरकार से कर रहे हैं जबकि मरीजों से वह मोटे मुनाफा वसूलते रहे। मरीज को भर्ती करने से पहले कई अस्पताल तो पांच- पांच लाख रुपए पहले जमा करा रहे हैं। अब अपने परिजन को तड़पता देख कोई भी व्यक्ति अपना सबकुछ दांव पर लगाता ही है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पहल करते हुए राजस्थान सरकार की तर्ज पर कोरोना पीड़ितों का निजी अस्पताल में मुफ्त इलाज कराने की घोषणा करनी चाहिए।

कोरोना पीड़ितों का निजी अस्पताल में मुफ्त इलाज कराने की मांग

उन्होंने कहा कि यह मुश्किल समय है, ऐसे में केजरीवाल सरकार को दिल्लीवालों के इलाज से लेकर उनकी अन्य सभी जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए। चोपड़ा ने इससे पहले भी सीएम केजरीवाल से कोरोना पीड़ितों को मुफ्त में एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इस बेहद नाजुक व महत्वपूर्ण समय में दिल्ली सरकार निजी एंबुलेंस को अधिगृहित कर उनके किराये को स्वयं वहन करे और कोरोना मरीजों को निशुल्क सेवा प्रदान कराए। यहां बता दें कि कि राजस्थान की गहलोत सरकार ने मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत प्रदेश के सभी प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का मुफ्त में इलाज करने का फैसला किया है।