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Delhi MCD Budget: अब एमसीडी का बजट अटका, केंद्र सरकार को करना होगा हस्तक्षेप

MCD Budget 2023 सदन की बैठक न होने की वजह से एमसीडी का बजट पारित नहीं हो सकेगा। बजट 31 मार्च तक पास होना है। लेकिन 24 अप्रैल तक अब सदन की बैठक नहीं हो सकती है। इसके लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। (File Photo)

By Nihal SinghEdited By: Abhishek TiwariPublished: Thu, 23 Mar 2023 07:49 AM (IST)Updated: Thu, 23 Mar 2023 07:49 AM (IST)
Delhi MCD Budget: अब एमसीडी का बजट अटका, केंद्र सरकार को करना होगा हस्तक्षेप

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली सरकार के बजट अटकने की चर्चा बीते दिनों खूब हुई, लेकिन इस बार दिल्ली नगर निगम का बजट अटक गया है। 31 मार्च तक इस बजट को पारित किया जाना है, लेकिन 24 अप्रैल तक अब सदन की बैठक हो ही नहीं सकती है तो ऐसे में बजट पारित कैसे होगा इससे निगम अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि पूरी स्थिति का समाधान अब केंद्र सरकार को ही करना होगा, क्योंकि संशोधित किए एक्ट में अनुच्छेद 14 (1) में स्पष्ट किया गया है कि एक्ट को लागू करने में अगर कोई परेशानी या कठिनाई आती है तो उसे दूर करने के लिए केंद्र सरकार जरुरत के अनुसार एक्ट में प्रविधान कर सकती है।

दो वर्ष तक यह अधिकार केंद्र सरकार के पास है। दिल्ली नगर निगम एक्ट के अनुच्छेद 109 के अनुसार स्थायी समिति के द्वारा दिए गए सुझावों को शामिल करते हुए सदन को 31 मार्च या उससे पहले बजट को पास करना होता है। टैक्स शैड्यूल पास करने के लिए 15 फरवरी की समय-सीमा है। निगम एकीकरण और परिसिमन की वजह से बीते वर्ष स्थायी समिति का गठन नहीं हुआ था।

ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से तैनात विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार सदन और स्थायी समिति की शक्तियों का उपयोग कर रहे थे। इसके चलते निगमायुक्त ने आठ दिसंबर को विशेष अधिकारी के समक्ष बजट पेश किया था। महापौर का निर्वाचन न होने की वजह से विशेष अधिकारी ने 15 फरवरी को टैक्स शैड्यूल को मंजूर करके शेष बजट पास करने का निर्णय चुने हुए पार्षदों पर छोड़ दिया था।

अब समस्या यह खड़ी है कि महापौर के निर्वाचन तो हो गया है, लेकिन स्थायी समिति के छह सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है जबकि पहली बैठक में यह करना अनिवार्य है। स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव का मामला कोर्ट में हैं ऐसे में तब तक सदन की बैठक भी नहीं हो सकती है, जिससे बिना सदन के बजट पास नहीं हो सकता है।

स्थायी समिति का गठन लटका

निगम की स्थायी समिति का गठन लटकता ही जा रहा है। चूंकि 24 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है ऐसे में उससे पहले स्थायी समिति के छह सदस्यों के लिए हुए चुनाव का नतीजा घोषित न होने से उसके गठन की भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। नियमानुसार अप्रैल में होने वाली सदन की पहली बैठक में ही महापौर का चुनाव होना है।

नियमानुसार अप्रैल माह में हर वर्ष नए महापौर का चुनाव होता है। ऐसे में स्थायी समिति का गठन कैसे होगा और कब होगा इस पर स्थति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।वर्जन निगम एक्ट के अनुसार सदन में बहुमत से बजट को पारित किया जाना चाहिए चूंकि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है कि अभी 31 मार्च से पहले सदन की बैठक नहीं हो सकती है और नियमानुसार 31 मार्च से पहले बजट पारित भी होना चाहिए।

दिल्ली नगर निगम के पूर्व मुख्य विधि अधिकारी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि इस स्थिति में निगम एक्ट के तहत अनुच्छेद 14 (1) का उपयोग करते हुए केंद्र सरकार को इसमें इस कठिनाई को दूर करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ेगा।


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