नई दिल्ली [वीके शुक्ला]दिल्ली विधानसभा में विशेष सत्र के दौरान राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) और एनआरसी (NRC) के खिलाफ प्रस्ताव पास हो गया है। विधानसभा में शुक्रवार को पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान एनपीआर पर राज्य सरकार का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरे परिवार और दिल्ली सरकार के मंत्रियों के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। क्या हमें एनपीआर के तहत डिटेंशन सेंटर (detention centres) भेजा जाएगा।

सीएम केजरीवाल ने कहा कि मेरे पास और मेरी पत्नी के पास भी जन्म प्रमाण पत्र नही हैं। उन्होंने कहा कि मेरे मम्मी और पापा के पास भी जन्म प्रमाण पत्र नही है। दिल्ली विधानसभा के 70 सदस्यों में से 61 के पास जन्म प्रमाण पत्र नही है। सीएम ने केंद्र से सवाल करते हुए कहा कि  तो क्या सभी को डिटेंशन सेंटर में भेजा जाएगा। 

NPR और NRC लागू नहीं करने की अपील

केजरीवाल ने केंद्र सरकार से कहा कि दिल्ली में एनपीआर (NPR) और एनआरसी (NRC) को लागू नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में एनपीआर को लागू किया जाता है तो साल 2010 के फार्मेट वाला ही लागू किया जाए। 

90 फीसद लोगों के पास नहीं है जन्म प्रमाण पत्र 

केजरीवाल ने कहा कि NPR और NRC के तहत जनता से अपनी नागरिकता साबित करने को कहा जाएगा। 90 फीसद लोगों के पास ये साबित करने के लिए कोई सरकारी जन्म प्रमाण पत्र नहीं है। क्या सबको डिटेंशन सेंटर भेजा जाएगा? ये डर सबको सता रहा है। केंद्र से मेरी अपील है की NPR और NRC को रोक दिया जाए।

कई राज्यों के सीएम के पास नहीं है जन्म प्रमाण पत्रः केजरीवाल

सीएम केजरीवाल ने कहा कि देश के अधिकतर मुख्यमंत्रियों के पास भी जन्म प्रमाण पत्र नही है। सनाउल्लाह खान सहित कई लोगों को असम में डिटेंशन सेंटर में डाला गया है। 11 राज्यों की विधानसभाओं ने कह दिया है कि NPR npr और NRC नही लागू होना चाहिए। मुख्यमंत्री के वक्तव्य के साथ सदन में गोपाल राय द्वारा रखा गया प्रस्ताव पास किया गया। राय के प्रस्ताव के अनुसार NPR और NRC को वापस लिया जाए। NPR अगर आता है तो इसे 2010 के फार्मेट में लाया जाए।

 

 

Posted By: Mangal Yadav

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