नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड की दस्तक के साथ-साथ वायु प्रदुषण में भी बढ़ोतरी होते जा रही है। दिल्ली में रविवार को AQI 407 के दर्ज किया गया है जिसे देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने आपात बैठक कर ग्रेप तीन के प्रावधानों को लागू कर दिया है। 

निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक

CAQM द्वारा लगाए गए GRAP-3 के प्रतिबंधों के अंतर्गत अब दिल्ली के सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा किसी भी तरह के तोड़-फोड़ पर भी रोक लग गई है। साथ ही खनन पर भी बैन लगाया गया है। बता दें कि सुबह के समय पूरे दिल्ली-NCR में कोहरे और धुंध की चादर छाई रहती है। इस कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को गले में खराश से लेकर आखों में जलन जैसी परेशानिया झेलनी पड़ रही है। 

बता दें कि दिल्ली में दिल्ली में दिवाली के बाद प्रदूषण की स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी जिसके बाद ग्रेप 3 तक के प्रतिबंधों को लागू कराया गया था और निर्माण कार्यों पर भी रोक लगा दी थी। साथ ही लोगों से कहा गया था कि जरूरत होने पर ही घर के बाहर निकेल। कई कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम के लिए भी आग्रह किया गया था। 

AQI से वायु प्रदूषण का चलता है पता

वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index) एक नंबर होता है जिसके जरिए हवा की गुणवत्ता को आंका जाता है। इससे वायु में मौजूद प्रदूषण के स्तर का भी पता लगाया जाता है। एक्यूआई की रीडिंग के आधार पर हवा की गुणवत्ता को छह कैटेगरी में बांटा गया है। शून्य से 50 के बीच AQI अच्छा, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 के बीच AQI को गंभीर माना जाता है।

करना होगा मास्क का इस्तेमाल

डॉक्टरों और जानकारों के मुताबिक प्रदूषण से बचने के लिए लोगों को मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए है। इसके अलावा घर और दफ्तरों के बाहर घूमने से बचाव करना चाहिए। डॉक्टर कहते है कि प्रदूषित हवा कई तरह की बीमारियों का कारण बन सकती है।

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Edited By: Abhi Malviya

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