नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। फ्लू के टीके लगवाने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो सकता है। इन टीकों को उच्च जोखिम की श्रेणी में आने वाले 65 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को लगवाना चाहिए, जिन्हें डायबिटीज, हार्ट की बीमारी, अस्थमा, सीओपीडी (सांस संबंधी बीमारी), किडनी या लिवर सिरोसिस जैसी बीमारियों से पीड़ित हैं। टीका लगवाने का सही समय सितंबर है। इन मरीजों को हर साल टीका लगवाना चाहिए। फ्लू का टीका ऐसे मरीजों को इनफ्लूएंजा के चार वायरस से बचाता है।

10 देशों में 30 केंद्रों पर हुआ अध्ययन

एम्स के कार्डियोलाजी विभाग के एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। इस साल लांसेट में प्रकाशित अध्ययन करने वाली टीम का नेतृत्व एम्स कार्डियोलाजी विभाग के डाक्टर अंबुज राय ने किया था। यह अध्ययन एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के 10 देशों में 30 केंद्रों पर किया गया था। इनमें से सात केंद्र भारत में, छह चीन, चार-चार फिलीपींस व नाइजीरिया, तीन सऊदी अरब, दो मोजांबिक व एक-एक जांबिया, केन्या और युगांडा में थे। 2015 से 2021 के बीच हुए इस अध्ययन में पांच हजार 129 मरीजों को शामिल किया गया था। इनमें अधिकतर मरीजों को हार्ट फेल की शिकायत के बाद क्लिनिक से और स्थानीय स्तर पर हार्ट फेल के डेटाबेस से शामिल किया गया।

18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों पर हुआ शोध

डा. अंबुज राय ने बताया कि इन्फ्लुएंजा संक्रमण हृदय संबंधी घटनाओं और मृत्यु के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ है। इसलिए अधिक उम्र के बीमारियों से पीड़ित मरीजों को फ्लू के टीके लेने की सिफारिश की जाती है। उन्होंने बताया कि केन्या, मोज़ांबिक, नाइजीरिया और ज़ांबिया में इन्फ्लुएंजा पूरे वर्ष फैलता है। मरीजों को फ्लू का टीका देने के बाद दिल की बीमारी के कारण होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी आई है। जिन मरीजों को अध्ययन में शामिल किया गया उनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक थी और ये हार्ट फेल्योर का दूसरी, तीसरी और चौथी बार सामना कर चुके थे।

न्यूयार्क हार्ट एसोसिएशन (एनएचए) ने इन मरीजों का डेटा उपलब्ध कराया। अध्ययन में यह भी पाया गया कि अगर हार्ट के मरीजों को इन्फ्लुएंजा का टीका दिया जाता है तो हार्ट फेल होने के मामलों में 50 प्रतिशत की कमी आ सकती है। आंकड़ों के अनुसार हार्ट फेल के मरीजोें की संख्या 1990 में 33.5 मिलियन से लगभग दोगुनी होकर

यह भी पढ़ें- Delhi AIIMS: अल्फा थेरेपी से न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर के मरीजों के इलाज में जगी नई उम्मीद, 91 मरीजों पर किया शोध

यह भी पढ़ें- Delhi: एम्स के डाक्टरों का चौंकाने वाला दावा, कहा- अनुभव के आधार पर एंटीबायोटिक देना मतलब हवा में तीर चलाना

Edited By: Abhi Malviya

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट