नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लाल किला पर 15 अगस्त पर होने वाले समारोह के लिए इस बार एक बड़ा फ्लावर स्टैंड बनाने की योजना पर रक्षा मंत्रलय और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) एकमत नहीं है। एएसआइ का कहना है कि लाल किला विश्व धरोहर में शामिल है, जिसके चलते यहां किसी तरह का निर्माण नहीं किया जा सकता है। यह नियमों का उल्लंघन होगा। ऐसे में लाल किला को मिला विश्व धरोहर का तमगा यूनेस्को वापस ले सकता है। लंदन में एक मामले में यूनेस्को ऐसा कर चुका है।

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किला में होने वाले राष्ट्रीय समारोह की तैयारियां रक्षा मंत्रलय की ओर से की जाती हैं। हर साल लाल किला में लाहौरी गेट पर प्राचीर से प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करते हैं। इसी प्राचीर के सामने वाले भाग को रक्षा मंत्रलय सुंदर बनाना चाहता है, जिसमें सुंदर फूलों वाले गमले रखे जाएंगे। इसके लिए प्राचीर के सामने दो सौ फीट लंबा और आठ मीटर ऊंचा फ्लावर स्टैंड बनाया जाना है। एएसआइ के एक अधिकारी ने कहा कि स्टैंड के लिए रक्षा मंत्रलय कंक्रीट के पिलर बनाना चाहता है। स्मारक में किसी तरह के निर्माण की अनुमति नहीं है। ऐसे में इसे बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। अगर स्टैंड को अस्थाई तौर पर बनाने का कोई और उपाय निकल सकता है तो इस पर विचार किया जा सकता है।

स्वतंत्रता दिवस के आयोजन के लिए हर साल लाल किला में हेलीपैड बनाया बनाया जाता है। पिछले साल इसे दीवान-ए-खास के सामने बनाया गया था। नियमानुसार आयोजन के दो या तीन दिन बाद हटाया जाता रहा है। मगर पिछले साल नहीं हटाया गया, जबकि एएसआइ इस बारे में पत्र व्यवहार भी कर चुका है।

Edited By: Mangal Yadav