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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेठमलानी v/s जेटलीः'अपमान' पर बोले वित्तमंत्री-निजी दुर्भावना की भी सीमा है

By JP YadavEdited By:
Published: Wed, 17 May 2017 04:50 PM (IST)Updated: Wed, 17 May 2017 08:44 PM (IST)

दिल्ली हाईकोर्ट में अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी और अरुण जेटली के वकीलों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक भी हुई।

जेठमलानी v/s जेटलीः'अपमान' पर बोले वित्तमंत्री-निजी दुर्भावना की भी सीमा है
जेठमलानी v/s जेटलीः'अपमान' पर बोले वित्तमंत्री-निजी दुर्भावना की भी सीमा है

नई दिल्ली (जेएनएन)। वित्त मंत्री अरुण जेटली के दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) मानहानि केस में बुधवार को फिर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अरविंद केजरीवाल की पैरवी कर रहे सीनियर वकील राम जेठमलानी ने अरुण जेटली से फिर कई तल्ख सवाल पूछे। इस दौरान कोर्ट में अरविंद केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी और अरुण जेटली के वकीलों के बीच जमकर तीखी नोकझोंक भी हुई।

पेशी के दौरान राम जेठमलानी ने इंडियन एक्सप्रेस में लिखे अपने लेख को अरुण जेटली को दिखाया। इसके बाद पूछा कि क्या आपने इसे पढ़ा है? इस दौरान अरुण जेटली के वकीलों ने इस पर एतराज जताया। इसी के साथ राम जेठमलानी ने कई बार यही सवाल पूछे और कहा-'अरुण जेटली चोर हैं और मैं साबित करूंगा।'

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वहीं, जवाब में अरुण जेटली ने कह- क्या अरविंद केजरीवाल ने आपको अनुमति दी है ये शब्द कहने के लिए?अगर दी है तो मैं 10 करोड़ की मानहानि की राशि को बढ़ाने वाला हूं। इसके बाद भावुक जेटली ने कहा कि अपमान की भी एक सीमा होती है।

हाई कोर्ट में तीखी बहस के बीच जेटली ने कहा- 'जेठमलानी अपनी खुद की दुश्मनी निकाल रहे हैं। अगर इसी तरह के दुर्भावनापूर्ण सवाल पूछे जाएंगे तो मैं अपनी मानहानि की 10 करोड़ रुपये की रकम को बढ़ा सकता हूं।'

यहां पर बता दें कि राम जेठमलानी लगातार अपने सवाल पूछने के दौरान अरुण जेटली के लिए CROOK शब्द का इस्तेमाल कर रहे थे, जिस पर अरुण जेटली और उनके वकील सख्त एतराज जता रहे हैं। 

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अरुण जेटली का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव नायर और संदीप सेठी ने कहा कि जेठमलानी अपमानजनक सवाल कर रहे हैं और उन्हें खुद को अप्रासंगिक सवाल पूछने से संयमित करना चाहिए क्योंकि मामला अरुण जेटली बनाम अरविंद केजरीवाल है और यह राम जेठमलानी बनाम अरुण जेटली नहीं है। इस पर जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल केजरीवाल के निर्देश पर किया है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेताओं का बचाव कर रहे जेठमलानी समेत वकीलों के एक समूह ने यह भी कहा कि जेटली अपने कथित मानहानि के लिए 10 करोड़ रुपये के दावे के हकदार नहीं हैं।

यहां पर बता दें कि वित्तमंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल और पांच अन्य आप नेताओं राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह और दीपक बाजपेयी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करके 10 करोड़ रुपये के क्षतिपूर्ति की मांग की है।

इन नेताओं ने साल 2000 से 2013 तक डीडीसीए का अध्यक्ष रहने के दौरान जेटली पर वित्तीय अनियमितताएं करने का आरोप लगाया था।