नई दिल्ली (जेएनएन)। दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को झटका देते हुए उनके खिलाफ निचली अदालत में चल रहे आपराधिक मानहानि के एक मामले में सुनवाई पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है। हालांकि न्यायमूर्ति आइएस मेहता ने दोनों को 6 अप्रैल को निचली अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट प्रदान की है।

अदालत ने कहा कि दोनों निचली अदालत में पेशी से छूट देने की अर्जी दायर करें। अधिवक्ता सुरेंद्र कुमार शर्मा ने निचली अदालत में मानहानि का ये मामला दायर किया हुआ है। याची का दावा है कि पहले आप के नेताओं ने खुद उससे संपर्क कर 2013 विधानसभा चुनाव में टिकट देने की बात कही, बाद में वह मुकर गए।

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शिकायत में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के अलावा पूर्व आप नेता योगेंद्र यादव का भी नाम है। तीनों इस मामले में निचली अदालत से जमानत पर हैं। हाई कोर्ट में मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने सुरेंद्र शर्मा की अर्जी रद करने की अपील की है। याची ने तर्क दिया है कि अर्जी झूठी है।

मामले में अभी आरोप तय होने बाकी हैं, ऐसे में इसकी सुनवाई पर रोक लगाई जाए। निचली अदालत द्वारा जारी समन गलत हैं। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में सुरेंद्र कुमार शर्मा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को भी इस प्रकरण की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

उधर, शर्मा ने समाचार पत्र में प्रकाशित खबरों को आधार बनाते हुए दावा किया है कि मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ बयान दिए। जिससे उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची हैं। बार व समाज में उनकी छवि धूमिल हुई है।

ऐसे में दोनों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा चलाया जाए। सभी आरोपों को नकारते हुए केजरीवाल व सिसोदिया का कहना है कि टिकट देना पार्टी का विशेषाधिकार है। सुरेंद्र ने पूछने पर पहले अपने खिलाफ एक भी केस न होने की बात कहीं। लेकिन बाद में पता चला कि उनके खिलाफ कई मामले हैं।’ 

Posted By: JP Yadav

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