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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रैट माइनर वकील हसन को मिलेगा घर, DDA की बुलडोजर कार्रवाई के बाद बोले दिल्ली एलजी

Published: Thu, 29 Feb 2024 07:38 PM (IST)Updated: Thu, 29 Feb 2024 07:55 PM (IST)

डीडीए की कार्रवाई के बाद मजदूरों का बचाने वाले रैट माइनर्स वकील हसन ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के ...और पढ़ें

सुरंग से 41 मजदूरों को बचाने वाले ने रैट माइनर ने सड़क पर गुजारी रात
सुरंग से 41 मजदूरों को बचाने वाले ने रैट माइनर ने सड़क पर गुजारी रात

पीटीआई, नई दिल्ली। अवैध निर्माण के खिलाफ की गई कार्रवाई में बुधवार को सिल्कयारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने वाले रैट माइनर्स में शामिल वकील हसन का भी घर गिरा दिया गया। वहीं, उपराज्यपाल ने डीडीए की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुझे इसके बारे में बताया गया है और हम निश्चित रूप से मुआवजा देंगे। उन्हें एक घर भी मुहैया कराया जाएगा 

गोविंदपुरी इलाके में घर देने का प्रस्ताव

उधर कार्रवाई के कुछ घंटों के बाद डीडीए ने वकील हसन के सामने अस्थायी आवास में शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन हसन ने प्रस्ताव को ठुकरा दिया। वकील हसन ने बताया कि डीडीए के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें वसंत कुंज में एक गेस्ट हाउस में अस्थायी रूप से ठहराया जाएगा और जल्द ही गोविंदपुरी इलाके में एक घर प्रदान किया जाएगा, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। हसन ने आरोप लगाया कि डीडीए ने उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बुधवार को दिल्ली के खजूरी खास स्थित उनके घर को तोड़ दिया।

परिवार संग सड़क पर गुजारी रात

बता दें कि डीडीए की कार्रवाई के बाद रैट माइनर्स वकील हसन ने अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ सड़क पर उस स्थान के पास रात बिताई, जहां उनका घर था। परिवार के पड़ोसियों ने उन्हें भोजन और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराया। उधर डीडीए ने कहा कि जब सुरंग बचाव अभियान में वकील हसन की भूमिका सामने आई, तो अधिकारियों ने उसके परिवार के लिए आश्रय की वैकल्पिक व्यवस्था की और साइट पर जाकर उससे संपर्क किया।

डीडीए के प्रस्ताव को ठुकराया

हालांकि, उन्होंने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और उसी स्थान पर या उसी आसपास किसी भी स्थान पर एक स्थायी घर की मांग की। हसन ने कहा कि वह चाहते हैं कि अधिकारी लिखित रूप में अपना प्रस्ताव दें। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में वकील हसन ने कहा कि आधी रात के आसपास कुछ डीडीए अधिकारी आए।

उसने कहा कि उन्होंने मुझे और मेरे परिवार को वसंत कुंज के एक गेस्ट हाउस में स्थानांतरित करने की पेशकश की। हसन ने दावा किया कि डीडीए अधिकारियों ने उनसे यह भी कहा था कि गोविंदपुरी इलाके में जल्द ही एक घर भी उपलब्ध कराया जाएगा, लेकिन मौखिक आश्वासन के कारण मैंने उनके प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

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