नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी को बदली परिस्थिति को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट व सभी निचली अदालतों के सामान्य कामकाज को दिल्ली हाई कोर्ट ने 31 जुलाई तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल की अध्यक्षता में हुई प्रशासन व हाई कोर्ट की जनरल सुपरविजन कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि सिर्फ अहम मामलों की सुनवाई ही वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।

हालांकि, यह निर्णय लिया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी पीठ सुनवाई करेगी। वर्तमान में आठ दो सदस्यीय पीठ के साथ 18 एकल पीठ सभी प्रकार के मामलों की सुनवाई कर रही है। रजिस्ट्रार जनरल ने यह भी बताया कि 13 जून को ऑन लाइन ई-फाइलिंग का उद्घाटन होने के बाद से अब तक 10480 अधिवक्ता व वादियों ने ई-फाइलिंग के लिए पंजीकृत किया है।

इसके अलावा लॉकडाउन से 10 जुलाई तक नौ हजार मामले सुनवाई के लिए सामने आए। इसमें से 1824 मुख्य मामले थे, जबकि 7692 विविध आवेदनों का निपटारा किया गया। इस दौरान हाई कोर्ट की तरफ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 230 प्रशासनिक बैठक की गई। वहीं, जिला अदालतों में 24 मार्च से 10 जुलाई के बीच 48720 मुकदमें पर सुनवाई की गई। इससे पहले अदालत ने 24 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा के बाद हाई कोर्ट समेत सभी निचली अदालतों का सामान्य कामकाज 14 अप्रैल तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया था, जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया।

दिल्ली में लगातार बढ़ रहे हैं मामले

दरअसल, दिल्ली में कोरोना संक्रमण का मामला लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में कोरोना के अब तक कुल मामले एक लाख 13 हजार 740 हो गए हैं। जिसमें से अब तक 91,312 मरीज ठीक हो चुके हैं। इस तरह 80.23 फीसद मरीज ठीक हो चुके हैं। वहीं मृतकों की संख्या 3411 पहुंच गई है। मौजूदा समय समय में 19,017 सक्रिय मरीज हैं। जिनका इलाज चल रहा है। इनमें से 4309 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं कोविड केयर सेंटर में 2148 व कोविड हेल्थ सेंटर में 144 मरीज भर्ती किए गए हैं।

 

Posted By: Mangal Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस