Move to Jagran APP

दिल्‍ली दंगे के आरोपित के धोखे से हस्ताक्षर करवाने के आरोप को कोर्ट ने किया खारिज

शादाब अहमद जो उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के दंगों के मामले में गिरफ्तार हुआ है उसकी कोर्ट याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसमें उसने कहा था कि पुलिस ने हिरासत के दौरान उसे मजबूर करके धोखे से कई जगह हस्ताक्षर करवाएं हैं।

By Prateek KumarEdited By: Tue, 22 Sep 2020 07:32 AM (IST)
दिल्‍ली दंगे में कोर्ट की प्रतिकात्‍मक फोटो।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के दंगों के मामले में गिरफ्तार आरोपित शादाब अहमद की उस याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया, जिसमें उसने कहा गया था पुलिस ने हिरासत के दौरान उसे मजबूर करके धोखे से विभिन्न दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाएं हैं।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि आरोपित हिरासत के दौरान अपने वकील से शारीरिक रूप से मिला था। आरोपित ने वकील से फोन पर भी बात की थी। अगर ऐसा था तो वह उस वक्त अपने वकील को यह बात क्यों नहीं बताई, आरोपित की सच्चाई पर हैरानी भी हो रही है।

आरोपित के वकील ने कोर्ट में कहा कि 24 से 26 अगस्त तक आरोपित पुलिस हिरासत में रहा था, उसी वक्त पुलिस ने उससे विभिन्न कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए थे। कोविड की वजह से आरोपित जेल में ही क्वारंटाइन था, पुलिस ने महज दो मिनट के लिए ही उससे फोन पर बात करवाई थी।

इस वजह से उसे दस्तावेज के बारे में पता नहीं चल पाया था, दो सितंबर को जब वीडियो कान्फ्रेंसिंग पर बात हुई तब शादाब ने उन्हें इसकी जानकारी दी। पुलिस की ओर से पेश वकील ने आरोपित के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह याचिका कुछ और नहीं बल्कि बचाव की कोशिश के साथ कोर्ट की प्रक्रिया का दुरुपयोग करना है। बता दें 26 अगस्त से ही आरोपित न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।

बता दें कि दिल्‍ली दंगे कई लोगों के घर-दुकान पूरी तरह जल गए थे। इसके साथ ही इस दंगे में कई लोगों के घायल होने के साथ करीब 50 से ज्‍यादा लोगों की मौत हुई थी। पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच कर रही है। केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में दिल्‍ली में जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन हुआ था। हालांकि बाद में यह कानून बन गया।

Coronavirus: निश्चिंत रहें पूरी तरह सुरक्षित है आपका अखबार, पढ़ें- विशेषज्ञों की राय व देखें- वीडियो