नई दिल्ली [वीके शुक्ला]। कोरोना वायरस संक्रमण के नए स्ट्रेन ओमीक्रोन को लेकर दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने हालात को देखते हुए विदेश से आने वाले लोगों के लिए गाइडलाइन भी जारी कर दी है। वहीं, कोरोना के नए ओमीक्रान के संभावित खतरे और प्रभाव के मद्देनजर दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार पूरी तरह से अलर्ट पर है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर सोमवार को एक बैठक बुलाई है। दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Delhi Disaster Management Authority) की बैठक में कोरोना के नए स्ट्रेन से निपटने के लिए कुछ गाइडलाइन भी जारी की जा सकती है।  इसके अलावा, इसको लेकर विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं।

उधर, दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के नए स्ट्रेन की ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान आकृष्ट कराने के एक दिन बाद ही उन्हें पत्र लिखा है। सीएम ने पत्र में उन सभी देशों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रोकने का आग्रह किया जहां कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि हमारा देश कोरोना से रिकवर हो रहा है।

वहीं, सोमवार को डीडीएमए द्वारा इस मामले में नए स्ट्रेन प्रभावित देशों से आने वाले हवाई यात्रियों की आरटी-पीसीआर जांच और उन्हें क्वारंटाइन किए जाने पर फैसला लिया जाने की उम्मीद है। अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को ट्वीट कर पीएम से कोरोना के नए स्ट्रेन प्रभावित देशों से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इसके बाद सीएम ने इसे लेकर रविवार को पत्र लिखा है। पीएम को लिखे पत्र में सीएम ने कहा है कि कोविड-19 के नए स्ट्रेन को को भारत में प्रवेश करने से रोकने के लिए हमें हर जरूरी कदम उठाने की जरूरत है। केजरीवाल ने कहा कि यूरोपीय यूनियन समेत कई देश नए स्ट्रेन ओमीक्रोन प्रभावित क्षेत्र पर यात्रा प्रतिबंध लगा चुके हैं।

सीएम ने पत्र में अनुरोध किया है कि इन क्षेत्रों के लिए उड़ानों पर रोक लगाई जाए। अगर इसमें देर की जाती है तो कोई संक्रमित व्यक्ति भारत में प्रवेश कर सकता है तो नुकसान पहंच सकता है। बता दें कि कोरोना के नए स्ट्रेन ओमीक्रोन को सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में डिटेक्ट किया गया है।कोरोना के पहले के स्ट्रेन की तुलना में यह ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है और यह तेजी से फैलता भी है।

कोविड के नए स्वरूप बी.1.1.529 का सबसे पहले इस सप्ताह दक्षिण अफ्रीका में पता चला जिसे शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चिंताजनक वैरिएंट की श्रेणी में रखा है एवं उसका नाम ओमीक्रोन रखा है। पहले 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में पता चलने के बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल में भी इस स्ट्रेन की पहचान की गई है। दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने के महज कुछ दिनों बाद ही कोरोना के संभवत: अधिक संक्रामक नए स्वरूप ओमीक्रोन ने कई और यूरोपीय देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। 

Edited By: Jp Yadav