नई दिल्ली [स्वदेश कुमार]। राजधानी के शाहदरा जिले में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के साथ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करने पहुंचे भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा पूरी तरह से 'आप' के चरणों में बिछे नजर आए। करीब 17 मिनट के भाषण में उन्होंने 12 मिनट का समय 'आप' सरकार के गुणगान में दे दिया। उनका कहना था कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है लेकिन 'आप' की सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांति ला दी है। अगर कोई इन दोनों क्षेत्रों में कायाकल्प करना चाहता है तो उसे 'आप' सरकार के चरणों में आकर सीखना चाहिए।

मनीष सिसोदिया का नाम याद रहता है

शत्रुघ्न सिन्हा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमकर तारीफ की। खास बात यह है कि वह मुंबई में अपनी बेटी सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म की स्क्रीनिंग छोड़कर इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। हाथ से सीवर की सफाई करने वाले लोगों के व्यावसायिक कौशल विकास कार्यक्रम में पटना साहिब के सांसद ने कहा कि देश के किसी शिक्षा मंत्री का नाम उन्हें याद हो या न हो लेकिन मनीष सिसोदिया का नाम याद रहता है। समाज के साथ-साथ हम सब इन पर नाज करते हैं। इनमें संघर्ष करने की क्षमता और सफलता हासिल करने का गजब का साहस है। गतिरोधों के बावजूद इन्होंने जो कर दिखाया है वह बेमिसाल है।

केजरीवाल की जितनी तारीफ की जाए कम है

शत्रुघ्न सिन्हा ने भाषण की शुरुआत में कहा कि वे राजनीति पर नहीं बोलेंगे लेकिन उनका भाषण राजनीति पर ही सिमट कर रह गया। उन्होंने कहा कि 'आप' सरकार ने काफी मुश्किलें झेलीं लेकिन गतिरोधों के बावजूद इस सरकार ने स्वास्थ्य और शिक्षा के मामले में पूरी दुनिया में क्रांति ला दी है। देश में आजादी के 70 साल बाद भी स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था खत्म है। कहीं कुछ नहीं है लेकिन दिल्ली में कायाकल्प हो चुका है। उन्होंने कहा कि प्रिय मित्र अरविंद केजरीवाल की जितनी तारीफ की जाए कम है।

आइना दिखाता हूं, देख लो

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि अगर मैं तथाकथित किसी और पार्टी का हूं या मुझे कहा जाता है कि बागी हूं, रुठा हूआ हूं तो गलत है। मैं मर्यादा और लक्ष्मण रेखा को समझता हूं। लोगों को समझना चाहिए कि चमचागिरी के दौर में सच को सच कहना अपराध नहीं है। मैं यह जानता हूं कि व्यक्ति से बड़ी पार्टी होती है और पार्टी से बड़ा देश होता है। मैं जो बातें करता हूं, वह देशहित और जनहित में है। कभी-कभी आइना दिखाता हूं तो देख लो। इस तरह से मैं फीडबैक देता हूं।

दिल की बात करता हूं

सिन्हा ने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी के तहत राजनीति में आया। नानाजी देशमुख, अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी से प्रशिक्षण लेकर भाजपा में हूं। भाजपा में निस्वार्थ भाव से जुड़ा हूं। मैं मन की नहीं, दिल की बात करता हूं शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि जो लोग मंदिर मस्जिद बनाना चाहते हैं, उनको हमारी शुभकामना। मैं तो मानव मंदिर की बात करता हूं। मैं जो बातें कर रहा हूं वह मन की बात नहीं है। मन की बात किसी और का पेटेंट हो चुका है। मैं दिल की बात करता हूं।