नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली दंगे में जाफराबाद इलाके में हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने का आरोपित शाहरुख पठान हाल ही में कुछ घंटों के कस्टडी पैरोल पर घर आया, लेकिन उसकी हरकतों पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि उसे लापरवाह ढंग से लाया गया और भीड़ को जमा होने दिया गया। पुलिसकर्मी उसे उसके घर पर ले जा रहे थे तो उसके स्वागत के लिए लोगों का हुजूम उमड़ गया।

अब इसके कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो में वह लोगों का अभिवादन स्वीकारता दिखाई दे रहा है। यह हाल तब है, जब कोर्ट ने कस्टडी पैरोल देते वक्त टिप्पणी की थी कि शाहरुख पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं। यहां तक स्पष्ट किया था कि उसे सिर्फ बीमार पिता से मिलने के लिए मानवीय आधार पर कस्टडी पैरोल की अनुमति दी गई है। एक वीडियो में तो भीड़ उसे पुलिस वैन तक विदा करती हुई नजर आ रही है। उसके वीडियो वायरल होने के बाद इंटरनेट मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं जाहिर कर रहे हैं।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने आरोपित शाहरुख पठान की अर्जी पर सुनवाई करते हुए उसे कस्टडी पैरोल पर 23 मई को घोंडा में अरविंद नगर स्थित घर पर बीमार पिता साबिर खान से मिलने की इजाजत दी थी। मार्च में साबिर की एंजियोग्राफी हुई थी। बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो उसी दिन के हैं। जाफराबाद में ही एक युवक पर गोली चलाने के मामले में शाहरुख और उसके साथियों पर कोर्ट आरोप भी तय कर चुका है।

अपराधियों को हीरो बनाने की कोशिश : कपिल मिश्रा

इस प्रकरण को लेकर भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने निंदा करते हुए एक वीडियो जारी किया है। उन्होंने कहा कि राजधानी के एक खास इलाके में पुलिस पर बंदूक उठाने वाले शाहरुख पठान का हीरो की तरह स्वागत किया गया। इसी तरह जहांगीरपुरी में अंसार को हीरो बनाया गया था।

जैसे कश्मीर में आतंकवादियों को हीरो बनाते थे, ठीक वैसे ही दिल्ली में अपराधियों को हीरो बनाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे स्थानों पर भारत के कानून और संविधान का मखौल उड़ाया जा रहा है।

वीडियो में वह यह भी कह रहे हैं कि इसी मानसिकता के चलते दिल्ली में दंगे हुए थे। 

Edited By: Jp Yadav