नई दिल्ली (वीके शुक्ला)। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) विभाग द्वारा संरक्षित फिरोजशाह कोटला स्मारक में स्थित मस्जिद में इन दिनों तांत्रिकों ने कब्जा जमा लिया है। झाड़-फूंक और जादू-टोना के चक्कर में ये तांत्रिक मस्जिद के तहखाने में दीये धूप-बत्ती जलाते हैं।

लोगों को परेशानी 

मुस्लिम तांत्रिकों की करतूत से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के लोग परेशान हैं। इमारत को क्षति पहुंच रही है। यहां आने वाले लोग स्मारक के आसपास गंदगी फैला देते हैं जिसकी वजह से गुरुवार दोपहर बाद तो कोई टिकट ही नहीं लेता। मस्जिद के नीचे बड़ा तहखाना है। इसमें अलग-अलग ब्लॉक हैं जिनमें हर दिन 22 स्थानों पर दीये जलते मिल जाएंगे। हर गुरुवार को इन तांत्रिकों से झाड़-फूंक कराने वालों का मेला सा लगा रहता है।

दीवार में लगी सुर्खी चूने को हो रहा नुकसान

धूप-अगरबत्ती के धुएं से किले की दीवारों में लगी चूना सुर्खी खराब हो चुकी है। इसकी दीवार व छत कमजोर हो रही है। जादू-टोना के चक्कर में पर्यटक भी यहां आने से डरते हैं।

लोगों को किया जा रहा जागरूक

एएसआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि धुआं कर स्मारक को खराब न करें। मगर लोग नहीं मानते। इस मामले में मुस्लिम धार्मिक गुरुओं की भी मदद ली जा रही है।

तांत्रिकों में दो महिलाएं भी शामिल

जो तांत्रिक यहां बैठते हैं उनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। अनधिकृत प्रवेश रोकने पर एएसआइ की महिला सुरक्षा कर्मी से महिला तांत्रिक मारपीट भी कर चुकी हैं। इस बारे में पुलिस में शिकायत की जा चुकी है। एएसआइ का कहना है कि तंत्र विद्या करने वाले लोग सुरक्षा कर्मियों को धमकाते हैं और अनधिकृत तरीके से प्रवेश करते हैं तथा अवैध गतिविधियां चला रहे हैं।

इमाम भी कर चुके हैं शिकायत

मस्जिद के इमाम ने एएसआइ से शिकायत की है कि एक महिला अशोका पिलर के नीचे बैठती है जो जादू टोना करती है। पर्यटकों से पैसे मांगती है। पैसे न देने पर उन्हें उल्टा सीधा बोलती है। इसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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Posted By: Prateek Kumar

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