यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
खराब बोरवेल बनेंगे धरती की प्यास बुझाने का जरिया, शहर का भूजलस्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी
निगम ने अपने पार्कों के सूखे पड़े 258 बोरवेल को चिह्नित किया है।इन बोरवेल के आस-पास के क्षेत्र को इस ...और पढ़ें

नई दिल्ली [निहाल सिंह]। पार्कों की सिंचाई के लिए उपयोग होने के बाद खराब हुए बोरवेल का उपयोग दिल्ली नगर निगम अब धरती की प्यास बुझाने के लिए करेगा। इसके लिए निगम ने अपने पार्कों के सूखे पड़े 258 बोरवेल को चिह्नित किया है। इन बोरवेल के आस-पास के क्षेत्र को इस प्रकार से डिजाइन किया जाएगा कि यह लोगों के लिए भी सुरक्षित रहे और पार्क में जमा होने वाले पानी सूखे पड़े बोरवेल के जरिये धरती के गर्भ में जाए। इसके साथ ही पार्कों में पांच से सात फीट के गहरे गड्ढे करके वर्षा जल संरक्षण किया जाएगा।
हर साल होती है 611 मिली मीटर बारिश
उल्लेखनीय है कि राजधानी में प्रत्येक वर्ष औसतन 611 मिली मीटर वर्षा होती है। इसके बावजूद राजधानी का जलस्तर लगातार घट रहा है। इसकी बड़ी वजह बड़ी मात्रा में भूजल का दोहन और वर्षा जल का संरक्षण पर्याप्त तरीके से न होना है। देखने में आता है कि बरसात का पानी नालियों और सीवर के जरिये बड़े नालों में मिलकर दूषित हो जाता है। इसको देखते हुए निगम ने सूखे पड़े 258 बोरवेल को वर्षा जल संरक्षण का जरिया बनाने का फैसला लिया है।
निगम के 258 सूखे बोरवेल से होंगे रिचार्ज
दिल्ली नगर निगम के उद्यान विभाग वरिष्ठ अधिकारी बताया कि वर्षा जल संरक्षण के लिए निगम ने इस वर्ष और गंभरीता से कार्य कर रहा है। निगम को देखने में आया है कि 258 निगम के सूखे बोरवेल पड़े हुए हैं। यह अब अनुपयोगी हो गए हैं। जिसे देखते हुए हमने इन्हें वर्षा जल संरक्षण के लिए उपयोग करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि कुछ बोरवेल पार्कों के बीचों बीच हैं तो कुछ पार्कों के किसी कोनो में हैं। इन सूखे बोरवेल से पार्क में जमा होने वाला बरसात पानी जल संचयन का जरिया बने इसकी हम कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोई दुर्घटना न हो इसका भी ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस तरीके से बरसात का पानी जो ज्यादा बरसात होने की स्थिति में पांच से छह दिनों तक जमा रहता था उसे जमा होने से रोका जा सकेगा। साथ ही शहर का भू-जल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
पार्को में किए जाएंगे गड्ढे
दिल्ली नगर निगम के 15 हजार पार्क हैं। ऐसे में वर्षा जल संरक्षण के लिए निगम पार्को में पांच से छह फीट गहरे गड्ढें कर वर्षा जल संरक्षण के लिए काम कर रहा है। अधिकारी ने बताया कि ऐसे स्थान जहां पर बरसात का पानी की ज्यादा इकट्ठा होता है और लोगों की आवजाही भी कम होती है वहां पर यह गड्ढे किए जा रहे हैं।
