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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CM केजरीवाल संग मनीष सिसोदिया ने लिया हिंसाग्रस्‍त क्षेत्र का जायजा, अब तक 27 लोगों की मौत

By Prateek KumarEdited By:
Published: Wed, 26 Feb 2020 05:54 PM (IST)Updated: Wed, 26 Feb 2020 09:56 PM (IST)

दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में यह ऐलान करते हुए कहा कि हम रतन लाल के परिवार को हर संभव मदद देंगे।

CM केजरीवाल संग मनीष सिसोदिया ने लिया हिंसाग्रस्‍त क्षेत्र का जायजा, अब तक 27 लोगों की मौत
CM केजरीवाल संग मनीष सिसोदिया ने लिया हिंसाग्रस्‍त क्षेत्र का जायजा, अब तक 27 लोगों की मौत

नई दिल्‍ली, एएनआइ। दिल्‍ली के सीएम अरविदं केजरीवाल बुधवार को पूरे एक्‍शन में दिखे। विधानसभा सत्र म उन्‍होंने हिंसा में शहीद हुए रतन लाल के परिवार को आर्थिक मदद के एलान का किया। इसके बाद वह उत्‍तर पूर्व के हिंसाग्रस्‍त क्षेत्र में डीसीपी के दफ्तर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। इसके बाद उन्‍होंने लोगों शांति बनाए रखने की अपील की।  इधर मृतकों की संख्‍या बढ़ कर 27 हो गई है। जीटीबी हॉस्‍पीटल में तीन लोग इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है। इस कारण मृतकों की संख्‍या बढ़ गई है। 

दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में यह ऐलान करते हुए कहा कि हम रतन लाल के परिवार को हर संभव मदद देंगे। इसके अलावा उन्‍होंने कहा कि हम उनके परिवार को मदद के तौर पर 1 करोड़ रुपये की राशि और एक नौकरी देंगे। इसके बाद हिंसाग्रस्‍त क्षेत्रों को जायजा लेने के लिए सीएम केजरीवाल उत्‍तरी पूर्वी दिल्‍ली के डीसीपी के ऑफिस पहुंचे। वहां से हालात का जायजा लेकर निकलते हुए लोगों से कहा कि कृपया शांति बनाए रखें।

एक करोड़ रुपये और एक सरकारी नौकरी की मदद
दिल्‍ली विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र सोमवार से शुरू हुआ है। सत्र की कार्रवाई के दौरान बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में कहा कि दिल्ली सरकार दंगों के दौरान मारे गए हेड कांस्‍टेबल रतन लाल के आश्रितों को एक करोड़ रुपये की मदद देगी। इसके अलावा उनके परिवार के एक आदमी को नौकरी भी देगी।

जनता नहीं चाहती हिंसा

केजरीवाल ने सत्र के दौरान कहा कि दिल्‍ली की जनता हिंसा नहीं चाहती है। यह सब आम आदमी पार्टी के द्वारा नहीं किया गया है। यह सब उत्‍पात असामाजिक तत्‍वों के द्वारा किया है। हिंदू और मुस्‍लिम कभी नहीं लड़ते हैं। उन्‍होंने आगे कहा कि हम रतन लाल के परिवार को यह पूरा आश्‍वासन देना चाहते हैं कि आपका पूरा ख्‍याल रखा जाएगा। आर्थिक मदद के अलावा एक सरकारी नौकरी देने का वायदा किया।

गोली लगने से हुई मौत

बता दें कि उपद्रवियों से पुलिस अपायुक्त की जान बचाने के लिए खुद की जान दांव पर लगा दी थी। जिस कारण रतन लाल को उपद्रवियों के द्वारा चलाई गई गोली लग गई। इलाज के वक्‍त जाते समय उनकी मौत हो गई थी। इधर, राजस्‍थान में उनके गांव में रतन लाल को शहीद का दर्जा देने की मांग उठी है।

बुराड़ी वाले घर पर कई नेताओं ने दी थी श्रद्धांजलि

रतन लाल के परिजनों को बुराडी स्थित आवास पर सांत्वना देने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी सहित केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री नित्‍यानंद राय गए थे। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनआरसी) को लेकर दिल्‍ली में हुए हिंसक प्रदर्शन में हेड कांस्टेबल रतन लाल की मौत हो गई थी।

उनके बलिदान पर हमें गर्व है: कमिश्नर

इससे पहले रतन लाल के अंतिम संस्कार के समय कमिश्‍नर अमूल्य पटनायक ने कहा था कि रतन लाल ने ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाते हुए देश के लिए बलिदान दिया है। हमें उन पर गर्व है। दिल्ली पुलिस उनके परिवार के साथ हर वक्त खड़ी है। मंगलवार को शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने सीएम अरविंद केजरीवाल भी गए थे। उन्होंने बुराड़ी मेन रोड पर अमृत विहार मोड़ के निकट ही सुसज्जित वाहन में रखे पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किया था।