नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चल रहे मानहानि के एक मामले को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। राज्य सभा सदस्य सुभाष चंद्रा की तरफ से दायर केस में शनिवार को पटियाला हाउस की विशेष अदालत ने फैसला सुनाया और केजरीवाल को राहत देते हुए उन्हें केस से डिस्चार्ज कर दिया। अदालत ने कहा कि यह केस गलत प्रक्रिया से दायर किया था।

शिकायतकर्ता चाहें तो फिर से सही प्रक्रिया के तहत केस दायर कर सकते हैं। राज्य सभा सदस्य सुभाष चंद्रा ने कोर्ट में पॉवर ऑफ अटार्नी के जरिये गुलशन कुमार सचदेवा से केस दायर करवाया था। मानहानि के इस मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगा था कि उन्होंने काले धन को लेकर की गई टिप्पणी में सुभाष चंद्रा का नाम भी लिया था। आरोप था कि केजरीवाल ने बेवजह चंद्रा का नाम लेकर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई।

18 नवंबर 2016 को दायर किया गया यह मामला फिलहाल नोटिस प्रक्रिया में था। शनिवार को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के अलग-अलग मामलों में दिए गए आदेशों का हवाला देते हुए पटियाला हाउस की विशेष अदालत ने कहा कि यह केस गलत प्रक्रिया से दायर किया गया है। केस पावर ऑफ अटार्नी के जरिये तभी दायर किया जा सकता है जबकि शिकायतकर्ता नाबालिग हो या दिमाग से कमजोर हो। इसके अलावा भी कुछ अन्य शर्ते हैं, जो पावर ऑफ अटार्नी से केस दायर करने पर लागू होती हैं।

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को पूरा अधिकार है कि वह सही प्रक्रिया से दोबारा केस दायर कर सकता है। बॉक्स आप विधायक को मिली अग्रिम जमानत सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान हुए झगड़े और दर्ज मामले में आम आदमी पार्टी के ओखला से विधायक अमानतउल्ला खान की अग्रिम जमानत याचिका पटियाला हाउस कोर्ट ने मंजूर कर ली है।

खान को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत दी गई है और कहा गया है कि वह पुलिस जांच में सहयोग करेंगे। कोर्ट ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है कि आरोपित को पुलिस हिरासत में लिया जाए। बता दें कि भाजपा सांसद मनोज तिवारी की शिकायत पर न्यू उस्मानपुर थाने में खान व अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

भाजपा को लग रहा झटके पर झटका
विभिन्न अदालती मामलों में पार्टी के नेताओं पर निरस्त हो रहे मुकदमों से आम आदमी पार्टी (आप) उत्साहित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि इससे सिद्ध है कि ये मुकदमे किस नीयत से किए गए हैं। अदालत में दूध का दूध और पानी का पानी हो रहा है। शनिवार को भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा निरस्त किए जाने पर आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता व उत्तरी पूर्वी दिल्ली लोकसभा प्रभारी दिलीप पांडेय ने कहा कि राजनीतिक दलों को लड़ाई राजनीतिक तरीके से ही लड़नी चाहिए न कि फर्जी तरीके से मुकदमे दर्ज करा डराना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी किसी से डरने वाली नहीं है। मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री व अन्य नेताओं और विधायकों आदि पर जो मुकदमें दिल्ली पुलिस द्वारा भाजपा के इशारे पर किए गए हैं, उनके कोई आधार नहीं हैं। वे अदालत में जाकर टिक नहीं पा रहे हैं। इसी माह हमारे नेताओं के खिलाफ किए गए कई मुकदमे निरस्त किए गए हैं। कुछ दिन पहले पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री पर डाला गया मानहानि का मुकदमा भी निरस्त हो चुका है।

 

Posted By: Amit Mishra

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