विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रिएल एस्टेट सेक्टर का सबसे बड़ा घोटाला, SRS ग्रुप पर हजारों निवेशकों के सैकड़ों करोड़ हड़पने का आरोप

By JP YadavEdited By:
Published: Thu, 05 Apr 2018 04:06 PM (IST)Updated: Mon, 16 Apr 2018 09:33 AM (IST)

फरीदाबाद का एसआरएस घोटाला नीरव मोदी के घोटाले से भी बड़ा बताया जा रहा है।

रिएल एस्टेट सेक्टर का सबसे बड़ा घोटाला, SRS ग्रुप पर हजारों निवेशकों के सैकड़ों करोड़ हड़पने का आरोप
रिएल एस्टेट सेक्टर का सबसे बड़ा घोटाला, SRS ग्रुप पर हजारों निवेशकों के सैकड़ों करोड़ हड़पने का आरोप

फरीदाबाद (जेएनएन)। दिल्ली-एनसीआर में रिएल एस्टेट सेक्टर का सबसे बड़ा घोटाला सामने आया है। रियल एस्टेट की जानी मानी कंपनी SRS ग्रुप पर निवेशकों के सैकड़ों करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। इसे रिएल एस्टेट क्षेत्र में सबसे बड़ा घोटाला बताया जा रहा है। 

ताजा घटनाक्रम में रियल एस्टेट, सिनेमा, फाइनेंस, हेल्थकेयर, माइनिंग व ज्वैलरी कारोबार से जुड़ी एसआरएस ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन अनिल जिंदल को चार कारोबारी साथियों सहित (बिशन बंसल, नानक चंद तायल, विनोद मामा और देवेंद्र अधाना) पुलिस ने बृहस्पतिवार को दिल्ली के महिपालपुर में आमरा होटल से गिरफ्तार कर लिया है।

इनके ऊपर रियल एस्टेट कारोबार में मोटे मुनाफे व ब्याज का लालच देकर निवेशकों के सैकड़ों करोड़ रुपये डकारने का आरोप है। वहीं, निवेशकों का आरोप है कि बैंक लोन समेत 30 हजार करोड़ का घोटाला है, हालांकि, इसकी पुष्टि जांच अधिकारियों ने नहीं की है। कंपनी पर कुल 22 मामले दर्ज थे।  

पुलिस आर्थिक अपराध जांच शाखा ने आरोपितों को न्यायिक दंडाधिकारी पल्लवी ओझा की अदालत में पेश कर 10 दिन की रिमांड मांगी। आरोपितों के ऊपर हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपोजिटर्स एक्ट-2013 के तहत एफआइआर दर्ज हैं।

जिंदल की तरफ से पेश हुए वकील संजीव चौधरी ने अदालत से कहा कि इस एक्ट में निचली अदालत के बजाय सेशन अदालत सुनवाई कर सकती है। करीब तीन घंटे बहस के बाद अदालत ने अधिकार क्षेत्र ना होने के चलते उन्हें एक दिन के लिए न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया है। पुलिस शुक्रवार को उन्हें सेशन अदालत में पेश कर रिमांड की मांग करेगी।

आरोपितों के खिलाफ 4 मार्च को सेक्टर-31 थाने में धोखाधड़ी, अमानत में खयानत व हरियाणा प्रोटेक्शन ऑफ इंट्रेस्ट ऑफ डिपोजिटर्स एक्ट की धाराओं के तहत 22 मुकदमे दर्ज हुए थे। इसके बाद पुलिस ने अनिल जिंदल के सेक्टर-15 स्थित घर, सेक्टर-31 स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड जब्त किया था। तभी से पुलिस आरोपितों की तलाश में जुटी हुई थी।

उप पुलिस आयुक्त फरीदाबाद विक्रम कपूर का कहना है कि अभी यह बताना मुश्किल है कि आरोपितों ने लोगों का कुल कितना पैसा हजम किया है। अनुमान है कि आरोपितों ने लोगों का सैकड़ों करोड़ रुपया डकारा है। एसआरएस ग्रुप का कारोबार दिल्ली-एनसीआर के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान तक फैला हुआ है। अनिल जिंदल व उसके साथियों पर लोगों से कई तरीके से धोखाधड़ी का आरोप है।

बड़ी संख्या में लोगों को रियल एस्टेट में मोटे मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये निवेश कराए गए, बाद में ना रुपया वापस किया ना ही फ्लैट या दुकान दी गई। बड़ी संख्या ऐसे लोगों की भी है, जिन्हें हर महीने मोटे ब्याज का लालच देकर निवेश कराया गया।

बाद में ब्याज देना बंद कर दिया और मूल रकम लौटाने से भी पल्ला झाड़ लिया। आरोपितों के खिलाफ मार्च महीने में एसआरएस पीड़ित मंच ने 65 शिकायतें दी थीं। जिनमें से 22 में मुकदमे दर्ज हुए। अब दोबारा सौ से अधिक शिकायतें पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंच चुकी हैं।

पुलिस उपायुक्त विक्रम कपूर का कहना है कि अन्य पीड़ित लोग भी एसआरएस ग्रुप के खिलाफ और शिकायतें व सबूत देंगे तो उनकी शिकायतों को भी इस मुकदमें में शामिल किया जाएगा।

वहीं डीसीपी हेडक्वार्टर विक्रम कपूर ने उन लोगों से भी आवाहन किया है जो अनिल जिंदल के शिकार हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाई है तो वह लोग भी सामने आए और एफआईआर दर्ज करवाएं। जिनकी एफआईआर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, पिछले ढाई साल के दौरान अनिल जिंदल के द्वारा पैसे हड़पने के चलते करीब आधा दर्जन लोगों ने आर्थिक दंगी के कारण आत्महत्या कर ली और लाखों लोगों ने सैंकडों बार विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमत्री तक अपनी गुहार लगाई थी। 

एसआरएस ग्रुप की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक, कंपनी रियल एस्टेट के अलावा जूलरी, सिनेमा, रिटेल और हॉस्पिटेलिटी क्षेत्र में भी सक्रिय है। अनिल जिंदल कंपनी के संस्थापक अध्यक्ष हैं। कंपनी का कुल टर्न ओवर 5,389 करोड़ रुपये बताया गया है।

दिल्ली पंजाब समेत कई राज्यों में फैला है कारोबार

बताया जा रहा है कि अनिल जिंदल ने एसआरएस मॉल से अपना व्यापार शुरू किया था और बाद में एसआरएस कंपनी बनाकर रिटेल, सिनेमा, ज्वेलरी एवं प्रॉपर्टी सहित विभिन्न धंधों में पांव फैला लिए। एसआरएस समूह का कारोबार दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तरप्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, राजस्थान आदि विभिन्न प्रदेशों में फैल हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, इन सब क्षेत्रों में हाथ आजमाने के बाद अनिल जिंदल ने रियल एस्टेट सेक्टर में कदम रखा, लेकिन इस क्षेत्र में मंदी का दौर शुरू होने पर अनिल जिंदल को झटका लगा।

बता दें कि इस दौरान एसआरएस की ओर से निवेशकों को मोटा ब्याज दिया जाता था, पर मंदी आने के बाद धीरे-धीरे ब्याज देना बंद कर दिया और 2015 में तो इस पर पूरी तरह से रोक लग गई। इसके बाद ही निवेशकों ने अपनी मूल रकम वापस मांगनी शुरू कर दी, पर निवेशकों को कुछ नहीं मिला। इसके बाद पीड़ितों ने धरने प्रदर्शन शुरू कर दिए थे।

इसकी शिकायत नए पुलिस आयुक्त अमिताभ ढिल्लो तक भी शिकायत पहुंची थी, तो उन्होंने पूरे मामले की छानबीन और सच्चाई पता करने के बाद अनिल जिंदल व एसआरएस के अन्य निदेशकों के खिलाफ मामले दर्ज कराए थे और अब गिरफ्तारी भी हो गई है।

कांग्रेस का आरोप- नीरव मोदी से भी बड़ा है घोटाला

बता दें कि दो दिन पूर्व ही एसआरएस पीड़ित मंच ने इस संदर्भ में एक पत्रकार वार्ता भी की थी, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर को आमंत्रित किया गया था और उन्होंने इस मामले में जिंदल सहित सरकार पर निशाना साधा था। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने कहा था कि 20 हजार परिवारों के 30 हजार करोड़ रुपये हड़पने वाले एसआरएस ग्रुप के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए कहा था कि फरीदाबाद का एसआरएस घोटाला नीरव मोदी के घोटाले से भी बड़ा घोटाला है।

पीयूष ग्रुप के निदेशक भी गिरफ्तार हुए

बृहस्पतिवार को फरीदाबाद पुलिस ने दिल्ली पुलिस के साथ रियल एस्टेट कंपनी पीयूष ग्रुप के निदेशक राकेश और विनोद को गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ दिल्ली में उपभोक्ता अदालत में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। उनके खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। जिस पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया। आरोपितों को फिलहाल दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। दोनों के खिलाफ फरीदाबाद के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज है। फरीदाबाद पुलिस अब उन्हें दिल्ली से प्रोडक्शन वारंट पर लेगी। 

यह भी पढ़ेंः दिल्ली विस स्पीकर का बड़ा खुलासा- रामनवमी के दिन राजधानी में हवा में लहराई गई थीं नंगी तलवारें