नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। Delhi Meerut Expressway: कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ जारी जंग के साथ ही निर्माण कार्य भी निरंतर होता रहेगा। इसका एलान खुद केंद्रीय सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने किया है। ऐसे में अगर कोई बड़ी बाधा नहीं आई तो दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बीच लाखों लोगों का सफर अगले साल से आसान हो जाएगा। दरअसल, दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे पर का निर्माण कार्य साल के अंत यानी दिसंबर में पूरा कर लिया जाएगा। वेबिनार के जरिये बुधवार को अपनी बात रखते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस वे का बचा हुआ निर्माण कार्य भी इसी साल दिसंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।

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सिर्फ 40 मिनट में दिल्ली से मेरठ का सफर

निर्माण कार्य पूरा होने के साथ ही दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों को सफर आसान हो जाएगा। खासकर दिल्ली से मेरठ की बीच का सफर सिर्फ 40 मिनट में पूरा होगा। फिलहाल दिल्ली से मेरठ का सफर तय करने में 2 घंटे का समय लगता है, इसके साथ भीषण जाम का भी सामना करना पड़ता है।

सड़क मार्ग के जरिये मुंबई तक का सफर होगा आरामदायक

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे बन जाने से दिल्ली-एनसीआर से मुंबई तक का सफर भी आरामदायक हो जाएगा। दरअसल, मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से कटरा (जम्मू-कश्मीर) के बीच भी एक एक्सप्रेस वे पर काम चल रहा है। यह वाया अमृतसर होगा। जाहिर है मेरठ एक्सप्रेस-वे और इस एक्सप्रेस-वे के बन जाने से सड़क मार्ग से भी लंबी दूरी की यात्रा की जा सकेगी।

समय बचेगा और परेशानी भी होगी कम

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के तैयार होने से सबसे ज्यादा फायदा रोजाना ऐसे लोगों को होगा जो दिल्ली और मेरठ के बीच रोजाना यात्रा करते हैं। मेरठ से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद आकर नौकरी करने वालों की संख्या  हजारों में है। जाहिर है कि एक्सप्रेस-वे के चालू होने से ऐसे लोगों का न केवल समय बचेगा, बल्कि यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी भी कम होगी।

2 घंटे का सफर सिर्फ 40 मिनट में

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के जरिये दिल्ली से मेरठ तक का कई घंटों का सफर सिर्फ 40 मिनट में तय किया जा सकेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे भारत का पहला 14 लेन का एक्सप्रेस-वे है।

यह भी जानें

  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे का दिल्ली में 8.7 किलोमीटर हिस्सा है, जबकि यूपी से सटे गाजियाबाद जिले में 42 किलोमीटर का हिस्सा आता है।
  • निर्माण की कड़ी में दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे डासना के पास एक्सप्रेस-वे इस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे से गया है।
  • इस एक्सप्रेस वे को बनाने में 842 करोड़ का खर्च आया है।
  • इस हाईवे पर 5 फ्लाईओवर हैं और 4 अंडरपास हैं।
  • 4 फुटओवर ब्रिज भी इस एक्सप्रेसवे पर बने हैं, एक्सप्रेस-वे सिग्नल फ्री है।
  • इस एक्सप्रेस वे पर कुतुब मीनार, अशोक स्तंभ जैसे पुरातत्व विरासतों के स्मारक चिह्न भी स्थापित किए गए हैं।
  • एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ वर्टिकल गार्डन विकसित किए गए हैं।
  • सड़क के दोनों तरफ ढाई मीटर का साइकिल पाथ भी बनाया गया है।
  • दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे पर सोलर सिस्टम से लैस लाइटें भी लगाई गई हैं।

एनसीआर को मिलेगी प्रदूषण से मुक्ति

पर्यावरण के लिहाज से भी मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे लाखों लोगों के लिए राहत बनेगा। ट्रैफिक जाम नहीं लगने से एक्सप्रेस-वे से एनसीआर को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी, जिसमें वाहनों में जाम के कारण फैलने वाला प्रदूषण समाप्त हो जाएगा।

रामपुर-मुरादाबाद का सफर भी हुआ आसान

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का कुछ हिस्सा तैयार होने पर मुरादाबाद और रामपुर रूट पर जाना-आना काफी आसान हो गया है। इसके साथ हापुड़ होते हुए मेरठ जाने की राह भी आसान हुई है। 

Posted By: JP Yadav

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