नई दिल्ली ऑन लाइन डेस्‍क। Air Pollution Protect Tips: दिल्‍ली सहित पूरे एनसीआर में प्रदूषण अपने चरम स्‍तर पर पहुंच गया है। हालात बेहद नाजुक हैं। एक तरफ हरियाणा और पंजाब से आ रहे पराली के धुएं और दूसरी तरफ दीपावली में जले पटाखे के बाद हुए धुएं से दिल्‍ली का प्रदूषण खतरनाक स्‍थिति में  पहुंच गया है। बेहद नाजुक हालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को दिल्‍ली के बढ़ते प्रदूषण पर एक अहम सुनवाई हुई। बता दें कि दिल्‍ली में प्रदूषण को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार ने ऑड इवन लागू किया है। इसी बीच में आज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने आज ऑड इवन पर भी तीखी टिप्‍पणी की। प्रदूषण का स्‍तर इतना है कि आप खुली हवा में अगर एक घंटे भी रह रहे हैं तो आप एक सिगरेट के बराबर धुएं का सेवन कर रहे हैं। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि आपको प्रदूषण से बचने के लिए क्‍या-क्‍या करना चाहिए ताकि आप पर प्रदूषण का असर कम से कम हो।

सरकार की चेतावनी जारी

प्रदूषण के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य से संबंधित चेतावनी जारी की है। साथ ही लोगों को सुझाव दिया है कि प्रदूषण से बचाव के लिए लोग अपने घरों में ही रहें। बेवजह बाहर न निकलें। सुबह व शाम में प्रदूषण का असर अधिक होता है। इसलिए सुबह व शाम में सैर व व्यायाम न करें। इसके अलावा लोगों को बीड़ी, सिगरेट का इस्तेमाल नहीं करने की भी सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री अर्रंवद केजरीवाल के निर्देश पर यह चेतावनी जारी की गई है।

बाहर कम देर रहने से कम होगा असर

स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि सड़कों पर अधिक देर तक रहने वाले लोगों को अपना विशेष ख्याल रखें। उल्लेखनीय है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी, रिक्शा, ऑटो चालक व रेहड़ी पटरी लगाने वाले लोग घंटो समय सड़कों के किनारे बिताते हैं। इस वजह से उन पर प्रदूषण का दुष्प्रभाव अधिक पड़ने की आशंका है। यही वजह है कि दिल्ली सरकार ने उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी है।

सांस की बीमारी से परेशानी

सत्येंद्र जैन ने कहा कि लंबे समय तक प्रदूषण के दुष्प्रभाव से स्वस्थ लोगों को सांस की बीमारियां हो सकती हैं। वहीं पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग यदि थोड़े समय भी प्रदूषण के बीच रहें तो उन्हें सांस की बीमारी हो सकती है। इसलिए घर से बाहर न निकलें। 

क्या करें, क्या न करें

-घर में रहें, यदि कोई काम हो तो उसे कुछ समय के लिए टाल दें।

-सुबह व शाम को सैर व आउट डोर व्यायाम न करें।

-खांसी, सांस लेने में परेशानी, सीने में तकलीफ, आंखों में जलन हो तो डॉक्टर को दिखाएं।

-अस्थमा, फेफड़े व दिल के मरीज हमेशा अपनी दवाएं साथ रखें।

-प्रमाणित एन-95 मास्क का ही इस्तेमाल करें। साधारण मास्क व कपड़े का इस्तेमाल प्रभावी नहीं है।

-रसोई के लिए धुआं रहित ईंधन का इस्तेमाल करें।

-सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें।

-पत्तियां, कूड़े व पराली न जलाएं।

-जिस इलाके में ट्रैफिक जाम की समस्या अधिक रहती है उधर न जाएं।

-सुबह व शाम में घर की खिड़कियों के दरवाजे न खोलें।

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Posted By: Prateek Kumar

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