यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अग्रवाल पैकर्स एंड मूवर्स का डाटा चुराने वाला गिरफ्तार, गूगल पर बना रखी थी क्लोन वेबसाइट
अपने साथी के जरिए कंपनी के ग्राहकों से संबंधित डाटा मंगवाकर उसे अन्य पैकर्स एंड मूवर्स कंपनियों को बेच देने ...और पढ़ें

नई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। अग्रवाल पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी में नौकरी करने वाले अपने साथी के जरिए कंपनी के ग्राहकों से संबंधित डाटा मंगवाकर उसे अन्य पैकर्स एंड मूवर्स कंपनियों को बेच देने के मामले में अपराध शाखा ने आरोपित को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल एप्पल आई-फोन 7 बरामद कर लिया है।
अमेठी का है रहने वाला
डीसीपी मनोज सी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपित का नाम आशीष सिंह है। वह अमेठी, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। आशीष पहले अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स में ही नौकरी करता था। मार्च 2020 में लाकडाउन के दौरान उसकी नौकरी चली गई। उसके बाद उसने वहां काम करने वाले दीपक गोयल से संपर्क किया जो कंपनी के सर्वर से डाटा चुराकर आशीष को भेज देता था। आशीष उक्त डाटा को सुरेश चौहान व अन्य को वाट्सएप अथवा मेल के जरिए भेज देता था।
नकली वेबसाइट बना कर गूगल में डाला
आशीष ने राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद (यूपी) से कला स्नातक किया है। अग्रवाल मूवर्स एंड पैकर्स में 10 साल तक काम करने के कारण वह प्रमुख ग्राहकों को जानता था कि ग्राहकों का महत्वपूर्ण डाटा कैसे प्राप्त किया जाए। पिछले साल जेएस अहुलवालिया, समूह अध्यक्ष, अग्रवाल पैकर्स एंड मूवर्स लिमिटेड ने पुलिस में शिकायत कर बताया था कि कुछ अज्ञात व्यक्ति ने उनकी कंपनी के नाम पर नकली वेबसाइट बनाकर उसे गूगल सर्च इंजन पर डाल दिया है। इस तरह उनके नाम का उपयोग करके ग्राहकों से धोखा दिया दिया जा रहा है।
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क्राइम ब्रांच की जांच में हुआ खुलासा तब हुई गिरफ्तारी
क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। जांच के बाद सबसे पहले आरोपित दीपक गोयल को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि वह कंपनी के ग्राहकों का डाटा कंपनी के कंप्यूटर से डाउनलोड कर अपनी मेल आईडी की मदद से डाटा एक्सेल फॉर्म में अपने सहयोगी आशीष सिंह को भेजता था। दीपक द्वारा डाटा मुहैया कराने के एवज में आशीष उसके एक्सिस बैंक खाते में हर महीने 18000 रुपये डाल देता था। कोर्ट ने आशीष के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था। दीपक से डाटा प्राप्त कर आशीष उक्त डाटा को सुरेश को भेज देता था। सुरेश उक्त डाटा को आगे किसी प्रतिद्वंदी को बेच देता था। सोमवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने आशीष को अमेठी से गिरफ्तार कर लिया।
