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क्या है नो डिटेंशन पॉलिसी? जिसके हटने के बाद सरकारी स्कूलों में आठवीं के 46 हजार से अधिक विद्यार्थी हुए फेल

दिल्ली के सरकारी स्कूलों में बीते साल आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए नो डिटेंशन पॉलिसी हटा दी गई है। इसके हटने के बाद से परीक्षा परिणामों में भारी गिरावट देखी जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 रिजल्ट बताते हैं कि सिर्फ आठवीं में ही 46622 विद्यार्थी फेल हो गए। बता दें ये आरटीआई के आंकड़ों से पता चला है।

By Ritika Mishra Edited By: Monu Kumar Jha Thu, 11 Jul 2024 09:06 AM (IST)
क्या है नो डिटेंशन पॉलिसी? जिसके हटने के बाद सरकारी स्कूलों में आठवीं के 46 हजार से अधिक विद्यार्थी हुए फेल
Delhi News: नो डिटेंशन पॉलिसी हटने से दिल्ली के सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम में आई गिरावट।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी के सरकारी स्कूलों में बीते वर्ष आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए नो डिटेंशन पॉलिसी हटा दी गई है। लेकिन इसके हटने के बाद विद्यार्थियों के परिणामों में काफी गिरावट देखी गई है। शैक्षणिक सत्र 2023-24 के परिणाम बताते हैं कि सरकारी स्कूलों में आठवीं में 46,622 विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं।

ये आंकड़े सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत

ये आंकड़े सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पीटीआई भाषा को मिले हैं। आरटीआई के तहत नौवीं में पढ़ने वाले एक लाख से अधिक और 11वीं में 50 हजार से अधिक विद्यार्थी वार्षिक परीक्षा में फेल हो गए। दिल्ली में 1,050 सरकारी स्कूल और 37 डा. बीआर अंबेडकर स्कूल ऑफ स्पेशलाइज्ड एक्सीलेंस स्कूल हैं।

शिक्षा निदेशक से शैक्षणिक सत्र 2023-24 में आठवीं, नौवीं और 11वीं में कुल नामांकित विद्यार्थियों की जानकारी मांगी लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। शिक्षा निदेशालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2021-22 में नौवीं में 2,48,031 विद्यार्थी नामांकित थे।

क्या है, नो डिटेंशन पॉलिसी

नो डिटेंशन पॉलिसी का मतलब किसी भी स्कूल में दाखिला लेने वाले बच्चे को उसकी प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा आठ तक) पूरी करने तक किसी भी कक्षा में उसे नहीं रोका जाएगा।

दिल्ली शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार की नो डिटेंशन पॉलिसी (no detention policy) हटने के बाद पांचवीं से आठवीं कक्षा के विद्यार्थी यदि वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण (असफल) हो जाते हैं तो उन्हें अगली कक्षा में प्रोन्नत नहीं किया जाएगा। लेकिन उन्हें दो माह के अंदर फिर से परीक्षा देकर अपने प्रदर्शन में सुधार करने का एक और मौका मिलेगा।

इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए प्रत्येक विषय में 25 प्रतिशत अंक लाना जरूरी है, ऐसा न करने पर विद्यार्थी को रिपीट श्रेणी में डाल दिया जाएगा, जिसका मतलब है कि विद्यार्थी को अगले सत्र तक उसी कक्षा में रहना होगा।

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