यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 12, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनजीटी के आदेश पर प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा में 89 अवैध बोरवेल किए सील
कुछ महीने पहले दिल्ली जल बोर्ड की ओर से विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कर पता किया गया था कहां-कहां पर ...और पढ़ें

नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। पूर्वी जिला प्रशासन ने अवैध बोरवेल करने वालाें के खिलाफ शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जिला प्रशासन और जल बोर्ड ने दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल की कड़ी सुरक्षा में 89 बोरवेल को सील किया। कोंडली और घड़ौली डेयरी फार्म में सीलिंग की गई है। पहली बार राजधानी में इतनी बड़ी संख्या में बोरवेल करने वालों के खिलाफ एक साथ कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई से पूर्वी दिल्ली में हड़कंप मचा रहा। प्रशासन ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के अवैध बोरवेल सील करने के आदेश पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
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सर्वे में किया गया था पता कहां-कहां है अवैध बोरवेल
कुछ महीने पहले दिल्ली जल बोर्ड की ओर से विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कर पता किया गया था, कहां-कहां पर पर अवैध बोरवेल चल रहे हैं। जल बोर्ड ने कोंडली और घड़ौली डेयरी फार्म में काफी बोरवेल चलते पाए गए। जल बोर्ड ने सूची तैयार करने के बाद प्रशासन को सौंप दी।
बड़े एक्शन से इलाके में मची अफरा-तफरी
बोरवेल सील करने को लेकर प्रशासन, जल बोर्ड और पुलिस अधिकारियों की बैठक हुई। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में जब पुलिस बल कोंडली और घड़ौली डेयरी फार्म पहुंचा तो इलाके में अफरा तफरी मच गई। प्रशासन की टीमें सीलिंग के लिए जैसे ही क्षेत्र में पहुंची लोग अपने बोरवेल को छूपाने में लग गए।
सख्त एक्शन से स्पष्ट संदेश
टीमें सूची के हिसाब से एक लाइन से बोरवेल सील करती चली गईं। सभी बोरवेल घरों में लगे हुए थे। इस कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है, जिसने भी बोरवेल किए हुए हैं। उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि जल बोर्ड से 94 बोरवेल की सूची प्रशासन को मिली थी। शुक्रवार को 94 में से 89 बोरवेल सील कर दिए गए, तीन बंद हो चुके थे। जबकि दो बोरवेल के पते ही नहीं मिल पाए।
