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Delhi: गैंगस्टर को रिमांड पर लाकर स्पेशल स्टाफ कार्यालय में कराई पार्टी, पुलिस कर्मियों पर हुई कार्रवाई

उत्तर-पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ में तैनात तीन पुलिसकर्मियों द्वारा यमुनापार के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा को अपने कार्यालय में लाकर पार्टी कराने के आरोप में उन्हें स्पेशल स्टाफ से हटा दिया गया है। पुलिस इस किरकिरी से बाहर आ ही रही थी कि नया मामला सामने आ गया। मामले की उच्च स्तरीय जांच की जिम्मेदारी शाहदरा जिले के एडिशनल डीसीपी को सौंप दी गई है।

By Rakesh Kumar Singh Edited By: Geetarjun Published: Tue, 11 Jun 2024 09:25 PM (IST)Updated: Tue, 11 Jun 2024 09:25 PM (IST)
गैंगस्टर को रिमांड पर लाकर स्पेशल स्टाफ कार्यालय में कराई पार्टी, पुलिस कर्मियों पर हुई कार्रवाई

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी जिले के स्पेशल स्टाफ में तैनात तीन पुलिसकर्मियों द्वारा यमुनापार के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम बाबा को अपने कार्यालय में लाकर पार्टी कराने के आरोप में उन्हें स्पेशल स्टाफ से हटा दिया गया है। यह तब हुआ है जब कुछ दिन पूर्व दक्षिण-पश्चिम जिले के नारकोटिक्स यूनिट द्वारा स्पेशल सेल के सिपाही व एक शराब तस्कर को अगवा कर उनसे 10 लाख वसूलने के मामले में नारकोटिक्स यूनिट के पांच पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

पुलिस इस किरकिरी से बाहर आ ही रही थी कि नया मामला सामने आ गया। पूरे मामले की शिकायत पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा के पास पहुंचने पर स्पेशल स्टाफ के प्रभारी राहुल सिंह अधिकारी को वहां से हटाकर उसी जिले के जिला अन्वेषण इकाई में भेज दिया गया, जबकि सब इंस्पेक्टर सुखबीर सिंह व एएसआइ उपेंद्र सिंह को डिस्ट्रिक लाइन भेज दिया गया है।

साथ ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जिम्मेदारी शाहदरा जिले के एडिशनल डीसीपी को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि जांच में ये अगर दोषी पाएंगे तब इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक करीब 15 दिन पहले मंडोली जेल में बंद यमुनापार के कुख्यात गैंगस्टर हाशिम उर्फ बाबा ने वेलकम के एक बड़े स्क्रैप व्यापारी से 50 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। इसके कुछ दिन बाद हाशिम ने प्रीत विहार के एक सट्टेबाज से भी लाखों रुपये रंगदारी मांगी थी। पैसे देने से इन्कार करने पर हाशिम ने वेलकम के व्यापारी के घर के बाहर फायरिंग भी करवा दी थी।

इसके बाद दो बदमाश को उत्तर-पूर्वी जिला के स्पेशल स्टाफ ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया था। एक अन्य को स्पेशल सेल ने दबोच लिया था। जांच में बदमाशों ने हाशिम पर हथियार मुहैया कराने की बात कही थी जिसके बाद स्पेशल स्टाफ ने पूछताछ के बहाने हाशिम को मंडोली जेल से रिमांड पर लेकर अपने कार्यालय ले आया था।

आरोप है कि वहां हाशिम के साथ पुलिसकर्मियों ने पार्टी की और उसे बताया कि व्यापारी दिल्ली पुलिस के कुछ अधिकारियों के परिचित है। उन लोगों पर वरिष्ठ अधिकारियों का दबाव है। जिससे वह व्यापारी से रंगदारी वसूलना बंद कर दें। हाशिम ने पुलिसकर्मियों की बात मान ली।

आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने व्यापारी से समझौता के बहाने पैसे भी वसूले। यह बात बाहर आ जाने पर डीसीपी ज्वाय टिर्की ने जिला अन्वेषण से जांच कराई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर डीसीपी ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर विशेष आयुक्त कानून व्यवस्था को भेज दी।

विशेष आयुक्त ने एडिशनल पुलिस कमिश्नर सागर सिंह कलसी को इस मामले की गहन जांच कराने के निर्देश दिए। कलसी ने जांच की जिम्मेदारी शाहदरा जिले के एडिशनल डीसीपी को सौंप दी।

ज्ञात रहे पिछले हफ्ते इसी तरह का मामला दक्षिण-पश्चिम जिला में भी सामने आया था। नारकोटिक्स यूनिट के पांच पुलिसकर्मियों ने शराब तस्कर व उसके साथ शराब पी रहे स्पेशल सेल के सिपाही को वसंत कुंज से अगवा कर भीकाजीकामा प्लेस स्थित अपने ऑफिस में ले आया था और उनकी पिटाई कर छोड़ने के बहाने 10 लाख वसूल लिए थे। आला अधिकारियों के संज्ञान में जानकारी आने पर पांचों पुलिसकर्मियों के खिलाफ वसंत कुंज साउथ थाने में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया था।


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