नई दिल्ली, विनीत त्रिपाठी। नई आबकारी नीति-2021 को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। दिल्ली शराब व्यापार संघ ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि नई आबकारी नीति जमींदारी व्यवस्था को बहाल करने एवं उसके एकाधिकार उत्पादक संघ की व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए बनाई गई है। मुख्य न्यायमूर्ति डीएन सिंह व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने केंद्र व दिल्ली सरकार के साथ ही उपराज्यपाल कार्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

दिल्ली शराब व्यापारी संघ ने नई नीति को बताया अव्यावहारिक

दिल्ली शराब व्यापारी संघ ने नई नीति को असंवैधानिक व अव्यावहारिक बताते हुए निरस्त करने की मांग की है। संघ ने दलील दी कि व्यापारियों को शराब के व्यापार का मौलिक अधिकार नहीं है, लेकिन उन्हें मौजूदा लाइसेंस जारी रखने से इनकार करने और प्रतिस्पर्धा को खत्म करने के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सामान्य जन को वंचित करते हुए एकाधिकार उत्पादन संघ को लाइसेंस लेने की सुविधा देकर प्रतिस्पर्धा को खत्म किया जा रहा है।

बुजुर्गो के टीकाकरण को लेकर केंद्र व दिल्ली सरकार को नोटिस

वहीं, असहाय बुजुर्गों को घर पर ही कोरोना टीका लगाने के संबंध में नीति बनाने का दिशानिर्देश देने की मांग को लेकर 84 वर्षीय बुजुर्ग महिला की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने केंद्र व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर सुनवाई 16 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी। धीरज अग्रवाल ने याचिका दायर कर वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोरोना टीका पंजीकरण के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्देश देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में इस तरह की सुविधा बुजुर्गो को मिल भी रही है।

 

Edited By: Prateek Kumar