नई दिल्ली, जेएनएन। लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की हुई करारी हार के बाद दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा कि आप आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन करना तो दूर इस बारे में सोचेगी भी नहीं। उन्होंने पार्टी के लगातार गिरते जनाधार को केजरीवाल की लोकप्रियता से जोड़कर देखने की बात को गलत बताया। इसी तरह के कई सवालों पर गोपाल राय ने वीके शुक्ला की बात की। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश।

1. क्या लोकसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन की लंबे समय तक चली चर्चा से भी AAP को नुकसान हुआ है?

ऐसा नहीं है, चर्चा से नुकसान नहीं हुआ है, मगर अब जिस तरह के नतीजे आए हैं उससे लगता है कि गठबंधन होता तो भी उसका कोई लाभ नहीं मिलता।

2. क्या आम आदमी पार्टी आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन करेगी? बिल्कुल नहीं, आम आदमी पार्टी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी।

- 2015 से लगातार आम आदमी पार्टी का ग्राफ गिरता जा रहा है, क्या ऐसा माना जाए कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की लोकप्रियता कम हो रही है? पहली बात तो केजरीवाल की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। केजरीवाल आज भी जन जन के मन में बसे हैं। और दूसरी बात यह है कि आम आदमी पार्टी का ग्राफ भी कम नहीं हुआ है। इसे दूसरे नजरिए से देखिए कि हम पहली बार में ही 2017 में पंजाब विधानसभा में विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बने। 2017 में हुए दिल्ली नगर निगम चुनाव में हम पहली बार में ही विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी बने। जहां तक कि इस लोकसभा चुनाव की बात है तो यह चुनाव मोदी जी और राहुल जी के बीच था। यह प्रधानमंत्री चुनने का चुनाव था। कांग्रेस के लोग राहुल जी के नाम पर वोट मांग रहे थे लेकिन, राहुल गांधी खुद ही चुनाव हार गए।

3. इस हार के लिए कौन जिम्मेदार है? क्या इसे लेकर संगठन में कोई बदलाव भी होगा?

इस हार के लिए कोई एक व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है, यह संगठन की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम देख रहे हैं कहां कमी रही है। जहां कमी मिलेगी संगठन में बदलाव किया जाएगा।

5. कांग्रेस का दावा है कि जो मतदाता आप की ओर चले गए थे इन्हें कांग्रेस इस लोकसभा चुनाव में अपनी ओर लाने में सफल रही है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में आप के लिए चुनौती बढ़ी है?

ऐसा कुछ नहीं है। दिल्ली विधानसभा के चुनाव में आप के लिए कांग्रेस से कोई चुनौती नहीं बढ़ी है। विधानसभा का चुनाव दिल्ली के विकास के नाम पर होगा। जनता के पास अर¨वद केजरीवाल का कोई विकल्प नहीं है। -क्या अब भी आप का आरोप ईवीएम की गड़बड़ी को लेकर है? हमारा यही प्रयास रहा है कि ईवीएम के मामले में पारदर्शिता लाई जाए। हमारे प्रयास पर ईवीएम के साथ वीवीपैट लगाए गए। हमारी मांग है कि सभी वीवीपैट की गिनती ईवीएम के वोटों से मिलान कर की जाए, मगर इस बार कुल पांच फीसद वोटों का ही मिलान किया गया है।

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