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बेसबॉल बैट से किए ताबड़तोड़ वार, घायल को न मिला इलाज! टूटतीं सांसें देख न पसीजा किसी का दिल; बुझ गया घर का चिराग

दिल्ली में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। मंगोलपुरी में मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर चलाने वाले युवक पर बेसबॉल बैट से ताबड़तोड़ वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। स्वजन घायल को लेकर भटकते रहें पर किसी का कलेजा नहीं पसीजा। अधिकतर अस्पताल में आईसीयू में बेड खानी न होने की बात कही। बाद में एक अस्पताल में भर्ती कराया पर नीरज की जान नहीं बच सकी।पढ़िए मामला क्या है?

By Jagran News Edited By: Kapil Kumar Wed, 10 Jul 2024 01:40 PM (IST)
मृतक युवक का फाइल फोटो। (जागरण फोटो)

जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। मंगोलपुरी थाना क्षेत्र में एक दुकानदार के सिर पर कुछ हमलावरों ने बेसबॉल बैट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिससे दुकानदार गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद स्वजनों ने आनन-फानन में घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया।

आरोपितों के खिलाफ दर्ज हुआ मुदकमा

इस मामले में मृतक के भाई के बयान के आधार पर मंगोलपुरी थाना पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ हत्या समेत कई अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। उधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव इनके स्वजन को सौंप दिया।

बाहरी दिल्ली के एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। पुलिस पीड़ित परिवार से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है।

लैपटॉप और मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था नीरज

जानकारी के मुताबिक, 25 वर्षीय नीरज परिवार के साथ पीतमपुरा स्थित डेरा गाजी खान, मद्रासी झुग्गी में रहते थे। परिवार में दादी, माता, चार भाई व दो बहनें हैं। पिता की मौत हो चुकी है। नीरज के बड़े भाई सूरज ने बताया कि नीरज घर के पास ही लैपटॉप व मोबाइल रिपेयरिंग सेंटर चलाता था। वह ऑनलाइन फॉर्म भरने समेत आधार अपडेट का काम भी करता था।

वारदात के बाद मौके से फरार हुए हमलावर

स्वजनों के अनुसार, सोमवार की रात करीब नौ बजे नीरज अपनी दुकान में किसी ग्राहक का आधार अपडेट कर रहा था। तभी कुछ युवक नीरज के पास आए। इनमें से सचिन व प्रिंस ने नीरज के सिर पर बेसबॉल बैट से कई बार हमला कर दिया। जिसके बाद सभी मौके से फरार हो गया। नीरज बेहोश होकर दुकान में ही गिर गया। स्वजन आनन-फानन में खुद ही नीरज को उठाकर पास के ही अस्पताल भगवान महावीर में लेकर गए। जहां हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे अन्य अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

समय पर इलाज मिलता तो बच जाती जान

सूरज ने बताया कि भगवान महावीर अस्पताल से रेफर करने के बाद जयपुर गोल्डन अस्पताल भाई को लेकर गया। जहां आईसीयू में बेड खाली न होने की वजह से भाई को भर्ती नहीं किया। फिर आरएमएल अस्पताल गए, यहां भी आईसीयू में जगह नहीं होने की बात कही गई। फिर सरगंगा राम, एम्स, सफदरजंग भी लेकर गए, लेकिन किसी भी अस्पताल में भाई को भर्ती यह कहते हुए नहीं किया कि हमारे यहां आईसीयू में कोई बेड खाली नहीं है।

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आखिर नहीं बच पाई जान

इसके बाद किसी तरह भाई को पंजाबी बाग स्थित महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मंगलवार दोपहर करीब एक बजे इलाज के दौरान भाई ने दम तोड़ दिया। स्वजनों का कहना है कि कई घंटे तक अलग-अलग अस्पतालों में नीरज को लेकर चक्कर लगाते रहें। सिर से काफी खून बह गया था। समय पर इलाज मिल जाता, तो शायद नीरज की जान बच जाती।

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