नई दिल्ली/सोनीपत, जागरण संवाददाता। दिल्ली हरियाणा के सिंघु बार्डर (कुंडली बार्डर) पर पंजाब के युवक लखबीर सिंब की जघन्य हत्या के मुख्य आरोपित सरबजीत के निहंग होने पर ही सवाल उठने लगे हैं। रविवार को न्यायालय में पेशी के दौरान भीड़ में उसकी पगड़ी उतर जाने पर उसके सिर पर छोटे-छोटे बाल लोगों को दिख गए। उसके साथ ही सरबजीत के निहंग होने पर सवाल उठने लगे। ऐसे में एक सवाल यह भी उठ रहा है कि लखबीर सिंह की हत्या के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं है? आसपास के ग्रामीणों की मानें तो जांच निष्पक्ष हुई तो हत्या की वजह और भी कोई सामने आ सकती है? कुलमिलाकर जांच नया मोड़ भी ले सकती है।

वहीं निहंग धार्मिक ग्रंथ से बेअदबी होने की बात भी आरोपित साबित नहीं कर पा रहे हैं।धर्म के अनुसार निहंग पूर्ण सिंह होते हैं। उनको गुरुजी ने मुस्लिम आक्रांताओं का मुकाबला करने के लिए तैयार किया था। धर्म के प्रति समर्पित, बहादुर, दयालू और विनम्र होना इनके गुण हैं। वहीं कई लोग निहंगों में शामिल हो जाते हैं। वह वास्तव में निहंग नहीं होते हैं, लेकिन उन जैसा वेश धारण कर उनके साथ ही रहने लगते हैं। जिस प्रकार का कृत्य कुंडली बार्डर पर किया गया है, उसमें शामिल युवकों के निहंग होने पर सवाल उठने लगे हैं। न्यायालय में पेशी के दौरान भीड़ में निहंग सरबजीत की पगड़ी हट गई थी। इसके चलते वह पुलिस की कार पर चढ़ गया और अभद्र भाषा का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी देने लगा। उसका वीडियो वायरल हुआ तो लोगों को उसके कटे बाल साफ दिखने लगे।

सिख धर्म गुरुओं ने भी उठाए सवाल

सिख धर्मगुरु बाबा सर्वजीत सिंह का कहना है कि निहंग पूरी तरह से सिंह होते हैं। सिर के साथ ही शरीर के समस्त बाल उनके प्राकृतिक स्थिति में होते हैं। कुदरत ने जैसा पैदा किया है, वह उन्हीं बालों को रखकर धर्म की सेवा करते हैं। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि हो सकता है कि सरबजीत दो-तीन महीने पहले ही निहंग बना हो, उससे पहले बाल कटवा रखे हों। कई सिंह बाल कटवा लेते हैं, लेकिन वह निहंग नहीं हो सकते हैं।

सरबजीत ने पुलिस को किया गुमराह

हत्यारोपित सरबजीत ने पुलिस को एक तलवार सौंपी। उसने कहा कि इसी तलवार से लखबीर की हत्या हुई है। पुलिस की जांच में सामने आया कि उस तलवार से हत्या नहीं हुई थी। उसने हत्या करने वाली तलवार को छिपा दिया था। अब पुलिस उससे हत्या में प्रयुक्त तलवार बरामद करने का प्रयास कर रही है।

बेअदबी नहीं हुई, यह हमारी शिक्षा नहीं

गांव पांची जाटान डेरे के प्रमुख बाबा सर्वजीत ¨सह कुंडली की घटना में बेअदबी नहीं मानते हैं। उन्होंने बताया कि लखबीर को नशे में बताया जा रहा है। जिस व्यक्ति को अपनी सुध नहीं हो, उसका काम बेअदबी में नहीं आता। बेअदबी का मतलब जानबूझकर भावनाओं को आहत करने के लिए किया जाने वाला कृत्य होता है। यदि हम उसको बेअदबी मान भी लें, तो पुलिस में शिकायत करनी चाहिए थी। ऐसा भी नहीं होता तो लखबीर को पंजाब ले जाकर उसका आपराधिक चरित्र पता करना चाहिए था। यदि वह अपराधी होता तो गुरुद्वारा साहिब में सजा तय करनी चाहिए थे। जिस आदमी को नशे में अपनी सूरत तक याद नहीं है, उसकी इस तरह हत्या करने की शिक्षा हमारी नहीं है। उनकी गलती यह भी है कि गुरु ग्रंथ साहिब को प्रदर्शन क्षेत्र में स्थापित किया है तो सुरक्षा होनी चाहिए थी।

Edited By: Jp Yadav