नई दिल्ली, जेएनएन। प्रदूषण नियंत्रण पर बैठक से नदारद रहे दिल्ली को छोड़ बाकी चार राज्यों के मंत्री प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर केंद्र और दिल्ली भले ही फिक्रमंद हैं, लेकिन इस मामले में बाकी राज्यों की कोई दिलचस्पी नहीं है। इसका अंदाजा गुरुवार को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों की बुलाई गई उस बैठक से लगाया जा सकता है, जिसमें दिल्ली को छोड़ बाकी चार राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के पर्यावरण मंत्री नहीं पहुंचे।

केंद्रीय मंत्री ने जताई नाराजगी

राज्यों के गैरजिम्मेदाराना और बेरुखी भरे रवैये से केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन नाखुश भी दिखे। उन्होंने पंजाब के सीएम से बैठक के बीच में ही फोन पर बात कर इस गैर मौजूदगी को लेकर आपत्ति दर्ज कराना चाहा, लेकिन उनका फोन नहीं लगा। यही वजह रही कि पर्यावरण मंत्रियों के साथ इस अहम बैठक को जहां तीन से चार घंटे तक चलना था, वह घंटे भर में कुछ औपचारिकताओं के साथ खत्म हो गई। बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में डॉ. हर्षवर्धन ने पर्यावरण मंत्रियों के नहीं आने के सवाल पर कहा कि वह इस पर राज्यों से बात करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने दी दिल्ली सरकार को नसीहत

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो आए हैं, उन्हें हमने पेश कर दिया है। इस दौरान उन्होंने प्रदूषण के विषय पर राजनीति से ऊपर उठकर मिल-जुलकर काम करने की नसीहत दी।

पराली पर भी दिखे असंतुष्ट

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक नहीं लग पाने के मुद्दे पर भी बैठक में चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के मुताबिक इनमें कमी तो आई है, लेकिन यह गिरावट औसतन 30 फीसद ही है। दोनों ही राज्यों ने इसे 70 से 90 फीसद तक कम करने का दावा किया था। इसके लिए बजट में करीब 12 सौ करोड़ का प्रावधान भी किया गया।

शिकायतों पर अमल के निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने बैठक में मौजूद दिल्ली के पर्यावरण मंत्री और मुख्य सचिव को सीपीसीबी टीमों की ओर से प्रदूषण फैलाने को लेकर दर्ज कराई गईं शिकायतों पर तेजी से अमल करने के निर्देश दिए। मौजूदा समय में सीपीसीबी ने दिल्ली में प्रदूषण फैलाने से जुड़ीं दो हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन अमल सिर्फ 10 फीसद पर ही हुआ है।

उतारी गईं फिल्टर लगी 35 बसें

वायु प्रदूषण के बढ़े स्तर से दिल्ली को बचाने के लिए सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। इसके तहत दिल्ली की सड़कों पर मानव रचना स्कूल की ओर से विकसित की गईं 35 फिल्टर लगीं बसों को ट्रायल के तौर पर उतारा गया है। गुरुवार को केंद्रीय मंत्री ने इन बसों को हरी झंडी दिखाई। इन बसों की छतों पर फिल्टर लगाए गए हैं। फिल्टर में प्रवेश करने वाली हवा बस के चलने पर सूक्ष्म कणों से मुक्त होकर शुद्ध हो जाती है।

अस्थमा पर स्कूलों के लिए मैनुअल

दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच डॉ. हर्षवर्धन ने स्कूलों के लिए अस्थमा को लेकर मैनुअल जारी किया। इसमें विस्तार से बताया गया है कि अस्थमा के शिकार किसी बच्चे को आपात स्थिति में किस तरह का उपचार देना चाहिए।

 

Posted By: JP Yadav

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