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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1984 सिख विरोधी दंगा: इंसाफ के लिए पीड़ितों ने किया 40 साल का इंतजार, अब जगी न्याय की उम्मीद; पढ़ें पूरी टाइमलाइन

Published: Sat, 31 Aug 2024 08:09 AM (IST)

दिल्ली की एक अदालत ने 1984 Sikh Riots के दौरान दिल्ली के पुल बंगश इलाके में गुरुद्वारे के बाहर तीन ...और पढ़ें

कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश। फाइल फोटो
कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश। फाइल फोटो

HighLights

  1. मनजीत सिंह जीके ने सीबीआई को दिए थे जगदीश टाइटलर के विरुद्ध वीडियो क्लिप
  2. डीएसजीएमसी ने कहा- कांग्रेस आरोपितों को बचाती थी, मोदी सरकार सजा दिला रही
  3. जगदीश टाइटलर मामले में सिख नेताओं ने कहा- पीड़ितों को न्याय की उम्मीद जगी

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की अदालत की ओर से कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर (Jagdish Tytler) के खिलाफ हत्या और अन्य अपराधों के लिए आरोप तय करने का आदेश देने का सिख नेताओं ने स्वागत किया है।

फरवरी 2018 में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने पांच वीडियो क्लिप जारी कर यह दावा किया था कि 1984 के सिख विरोधी दंगे में कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर 100 सिखों की हत्या की बात स्वीकार कर रहे हैं। बाद में, उन्होंने सीबीआई को वीडियो क्लिप सौंप दी थीं।

मनजीत सिंह जीके ने CBI को दिए थे वीडियो क्लिप

जीके का कहना था कि किसी अनजान व्यक्ति ने उन्हें वीडियो दिए थे। उनके अनुसार वीडियो वर्ष 2011 का था जिसमें टाइटलर सिखों की हत्या की बात कर रहे हैं। सीबीआई ने जीके से भी इस मामले में पूछताछ की थी। उन्होंने कहा कि अदालत के निर्णय से यह संदेश जाएगा कि अपराध करने वाला कितना भी शक्तिशाली हो, कानून से बच नहीं सकता है।

इस मामले में गवाहों को धमकाने और लालच देने के बाद भी वह नहीं झुके। उन्होंने सीबीआई की भी सराहना की। कहा, पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने और कौम के अन्य लोगों ने संघर्ष जारी रखा, इसमें सफलता मिली है। इस मामले पहले टाइटलर को जमानत मिल गई है। जमानत निरस्त कराने व सजा दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।

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पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी

शिरोमणि अकाली दल (शिअद बादल) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। सिखों की हत्या के मामले में साक्ष्य होने के बाद भी कांग्रेस के शासनकाल में टाइटलर को क्लीन चिट दी गई थी।

डीएसजीएमसी अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका, महासचिव जगदीप सिंह काहलों और उपाध्यक्ष आत्मा सिंह लुबाना ने कहा कि 40 वर्षों बाद सिखों की आवाज सुनी गई है। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है। केंद्र में कांग्रेस की अगुवाई वाली सरकारों ने बार-बार टाइटलर व इस मामले में आरोपित अन्य कांग्रेस नेताओं को क्लीन चिट दी थी।

नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने सिख विरोधी दंगे के सभी मामलों की फिर से जांच के आदेश दिए। विशेष जांच दल गठित की गई, जिसके परिणाम सामने आ रहे हैं। पहले कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को जेल भेजा गया। अब टाइटलर के खिलाफ आरोप तय हो रहे हैं। डीएसजीएमसी ने जांच में सीबीआई को हरसंभव मदद की है।

इंसाफ के लिए इंतजार के 40 साल

  • नवंबर 1984: 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए दंगों में सिखों का सामूहिक हत्याएं की गईं
  • फरवरी 2005: दंगों की जांच के लिए नियुक्त न्यायमूर्ति जीटी नानावटी आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश की
  • नवंबर 2005: आयोग की सिफारिश पर सीबीआई ने जगदीश टाइटलर के खिलाफ मामला दर्ज किया
  • अक्टूबर 2007: सीबीआई ने पुल बंगश मामले में पहली क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की
  • दिसंबर 2007: अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट खारिज की, आगे की जांच के निर्देश दिए
  • मार्च 2009: सीबीआई ने दूसरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की अप्रैल
  • 2010: मजिस्ट्रेट अदालत ने इसे स्वीकार किया
  • अप्रैल 2013: सत्र अदालत ने इसे खारिज कर दिया, मजिस्ट्रेट अदालत की स्वीकृति को दरकिनार कर दिया; व आगे की जांच के निर्देश दिए
  • दिसंबर 2014: सीबीआई ने तीसरी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की, टाइटलर को क्लीन चिट दी
  • दिसंबर 2015: दिल्ली हाई कोर्ट ने सीबीआई की पिछली क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जांच जारी रखने का आदेश दिया
  • नवंबर 2016: सीबीआई ने टाइटलर से चार घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की
  • 2018: सीबीआई को एक व्यवसायी के टेप मिले, जिसमें दावा किया गया कि टाइटलर ने एक स्टिंग आपरेशन में दावा किया है कि वह 1984 के सिख विरोधी दंगों में शामिल था।
  • जनवरी 2018: हाई कोर्ट ने टाइटलर से जुड़े पुल बंगश मामले में नए सिरे से जांच के आदेश दिए
  • अप्रैल 2023: सीबीआई ने मामले में टाइटलर की आवाज के नमूने दर्ज किए मई
  • 2023: सीबीआई ने टाइटलर के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया
  • 2 जून 2023: अदालत ने टाइटलर के खिलाफ सीबीआई के पूरक आरोपपत्र को मंजूरी दी
  • 30 जून 2023: अदालत ने मामले से संबंधित निचली अदालत के रिकार्ड, सीबीआई की प्राथमिकी को तलब किया
  • 26 जुलाई 2023: अदालत ने टाइटलर को पेशी के लिए 5 अगस्त तलब किया
  • 18 दिसंबर 2023: कोर्ट ने टाइटलर से दिल्ली पुलिस और सीबीआई द्वारा उनके खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर की सूची दाखिल करने को कहा
  • 30 अगस्त, 2024: कोर्ट ने मामले में टाइटलर के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया