यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Sikh Riots: दिल्ली की अदालत ने पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप किए तय, अब 21 सितंबर को सुना जाएगा मामला
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा रिकार्ड पर रखे गए मौखिक ...और पढ़ें

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में अदालत ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को मुख्य उकसाने वाला बताते हुए उनके खिलाफ आरोप तय किए।
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश एम के नागपाल ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा रिकार्ड पर रखे गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य यह बताने के लिए पर्याप्त हैं कि एक नवंबर 1984 को सुबह करीब 11 बजे दिल्ली के नवादा इलाके में गुलाब बाग स्थित गुरुद्वारे के पास सैकड़ो लोग हाथों में डंडे, लोहे की छड़ें, ईंट और पत्थर लेकर एक गैरकानूनी सभा या भीड़ में एकत्रित हुए थे।
भीड़ का हिस्सा था आरोपित सज्जन कुमार
आरोपित सज्जन कुमार भी उस भीड़ का हिस्सा था, जिसमें भीड़ का एकमात्र उद्देश्य तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद गुरुद्वारे और वहां स्थित सिखों के घरों को आग लगाना, सिखों की हत्या करना और उनके सामान व संपत्ति कि लूटपाट करना था।
हालांकि, न्यायाधीश ने कुमार को 2 नवंबर, 1984 को हुए दंगों के एक अन्य मामले में हत्या के आरोप से मुक्त कर दिया जिसमें उत्तम नगर में कांग्रेस पार्टी कार्यालय के बाहर दो लोग - सोहन सिंह और अवतार सिंह मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।
ये आरोप किए तय
अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ आइपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 308 (गैर इरादतन हत्या करने का प्रयास) 323 (जानबूझ कर किसी को स्वेच्छा से चोट पहुंचना) 325 (स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना), 395 (डकैती), 436 (घर को आग लगाना) के तहत आरोप तय किए हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 21 सितंबर तय की है।
वर्ष 2015 में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) ने सिख विरोधी दंगा मामले में जनकपुरी और विकासपुरी में एफआइआर दर्ज कर जांच शुरु की थी। दिल्ली के जनकपुरी में दो सिखों सोहन सिंह और उनके दामाद अवतार सिंह की हत्या नवंबर, 1984 को कर दी गई थी। विकासपुरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में गुरचरण सिंह के शरीर में आग लगा दी थी। झुलसने के 30 वर्ष बाद उनकी मौत हुई थी। इस मामले में एसआइटी ने सज्जन कुमार का मई 2018 में पालीग्राफी टेस्ट भी किया था।
रिपोर्ट इनपुट- रीतिका
