नई दिल्ली (वीके शुक्ला)। दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में शुमार हो चुकी दिल्ली में अदालती आदेश का भी सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद अब भी दिल्ली में नियमों की धज्जियां उड़ाकर 15 साल या इससे भी पुराने 37,72,124 वाहन सड़कों पर दौड़ कर राजधानी की हवा में जहर घोल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 15 साल से पुराने सभी वाहनों को तत्काल बंद कराने और जब्त करने के आदेश दिए थे। बावजूद ये वाहन धड़ल्ले से दिल्ली की सड़कों हर फिक्र को दम घोंटू धुएं में उड़ाकर फर्राटा भर रहे हैं।

लाखों की संख्या में खटारा बसें और ट्रक चल रहे

दिल्ली की सड़क पर दौड़ रहे 15 साल पुराने वाहनों में 10 लाख कार, 24 लाख दो पहिया वाहन समेत लाखों की संख्या में खटारा बसें और ट्रक भी शामिल हैं। दिल्ली सरकार के पास इन वाहनों की पूरी जानकारी है, बावजूद सरकार ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने की जगह हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

सात लाख वाहन प्रतिवर्ष बढ़ते हैं

दिल्ली में औसतन वाहनों की संख्या सात लाख प्रतिवर्ष के हिसाब से बढ़ रही है। इस समय वाहनों की संख्या एक करोड़ से अधिक है। इसमें से 37,72,124 वाहन 15 साल से पुराने हैं। सुप्रीम कोर्ट ऐसे वाहनों के चलाने पर प्रतिबंध लगा चुका है। वहीं, प्रदूषण को देखते हुए नेशनल ग्रीन टिब्यूनल (एनजीटी) ने भी सितंबर 2017 में पेट्रोल से चलने वाले 15 साल पुराने वाहनों पर पूर्णरूप प्रतिबंध लगा दिया था। बावजूद 15 साल से पुराने ज्यादातर वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

सात माह में केवल 32 वाहन किए जब्त

अधिवक्ता सुबोध जैन द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी में पता चला है कि प्रतिबंध लगने के सात माह बाद तक परिवहन विभाग ने मात्र 32 वाहन ही जब्त किए गए हैं। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि जो भी 15 साल पुराना वाहन मिलता है, उसे जब्त कर लिया जाता है। इस बारे में विस्तृत कार्रवाई के लिए दिल्ली स्क्रैपिंग ऑफ व्हीकल्स रूल्स-2018 के नाम से पॉलिसी तैयार की जा रही है। उपराज्यपाल से मंजूरी लेकर इसे जल्द ही अधिसूचित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।

पार्किंग, प्रदूषण और जाम का सबब बन रहे पुराने वाहन

दिल्ली में पार्किंग को लेकर आए दिन मारपीट की घटनाएं सामने आती हैं। पुराने वाहनों से पार्किंग की समस्या इसलिए भी आ रही है कि कई लोगों ने नई कार या मोटर साइकिल तो खरीद ली है, मगर पुराने वाहन को नहीं हटाया है। घर के सामने पुराने वाहन भी खड़े रहते हैं और नए भी। जगह कम पड़ रही है और लड़ाई-झगड़े हो रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने का एक कारण पुराने वाहनों का चलना भी है। जानकारों का मानना है कि इन पुराने वाहनों को हटा दिया जाए तो दिल्ली में लगभग 38 लाख वाहन कम हो जाएंगे। सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी तो दिल्ली में जाम की समस्या भी कम होगी।

By Amit Singh