विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अब स्कूल में ही सीखेंगे पर्सनल फाइनेंस और स्टार्टअप के गुर, NCERT की 9वीं की किताब में जुड़े नए चैप्टर

Published: Wed, 04 Nov 2026 10:52 PM (IST)

एनसीईआरटी की कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकों में अब व्यक्तिगत वित्त और उद्यमिता पर नए अध्याय शामिल किए गए ...और पढ़ें

एनसीईआरटी की किताब में जुड़े नए चैप्टर। फोटो: सांकेतिक

एनसीईआरटी की किताब में जुड़े नए चैप्टर। फोटो: सांकेतिक

HighLights

  1. कक्षा 9 की एनसीईआरटी किताबों में व्यक्तिगत वित्त अध्याय शामिल।

  2. छात्रों को सावधि जमा, म्यूचुअल फंड, ईएमआई की जानकारी।

  3. उद्यमिता अध्याय स्टार्टअप शुरू करने की बुनियादी बातें सिखाता है।

नई दिल्ली, आईएएनएस। NCERT की कक्षा-नौ की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों के नए संस्करण में पसर्नल फाइनेंस और एंटरप्रोनरशिप (उद्यमिता) पर अलग-अलग अध्याय शामिल किए गए हैं।

भारत के प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने इन नए अध्यायों को रेखांकित किया। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही व्यावहारिक वित्तीय जानकारी और उद्यमिता कौशल से लैस करना है।

व्यक्तिगत वित्त पर अलग अध्याय शामिल

पाठ्यपुस्तक के पन्नों की तस्वीरें एक्स पर साझा करते हुए सान्याल ने लिखा, सामाजिक विज्ञान (कक्षा 9, भाग 2) की हाल में आई NCERT पाठ्यपुस्तकों के अर्थशास्त्र खंड में अब व्यक्तिगत वित्त पर एक अध्याय है।

इसमें विद्यार्थियों को सावधि जमा, म्यूचुअल फंड, ईएमआई, कर, जोखिम-प्रतिफल आदि की बुनियादी जानकारी दी गई है। इसका उद्देश्य उन्हें जीवन में काम आने वाले कौशल सिखाना है।

पाठ्यपुस्तक में अध्याय 5 ‘अपने व्यक्तिगत वित्त (पसर्नल फाइनेंस) का प्रबंधन’ शामिल है। इसमें धन के प्रबंधन को समझने और सोच-समझकर वित्तीय फैसले लेने के महत्व के बारे में बताया गया है।

इस अध्याय में विद्यार्थियों को व्यक्तिगत वित्त के प्रमुख पहलुओं से परिचित कराया गया है। इनमें बचत, निवेश, संपत्ति की सुरक्षा और आयकर का भुगतान शामिल हैं।

उन्हें इस बात पर विचार करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है कि वे जेबखर्च या उपहार में मिले पैसे का प्रबंधन कैसे करते हैं—उसे खर्च करते हैं, बचाते हैं या भविष्य की जरूरतों के लिए अलग रखते हैं।

कम उम्र से वित्तीय योजना पर जोर

अध्याय में इस बात पर जोर दिया गया है कि वित्तीय योजना की शुरुआत कम उम्र में होनी चाहिए। इसमें बताया गया है कि उम्र बढ़ने और अधिक वित्तीय जिम्मेदारियां आने के साथ धन का प्रबंधन करना और महत्वपूर्ण हो जाता है।

विद्यार्थियों को निवेश के फैसले लेने से पहले अपने वित्तीय लक्ष्यों और जोखिम उठाने की क्षमता को समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

स्टार्टअप शुरू करने की बुनियादी जानकारी

एक अन्य पोस्ट में सान्याल ने अध्याय 6 ‘विचारों से स्टार्टअप तक’ को रेखांकित किया। यह अध्याय उद्यमिता (एंटरप्रोनरशिप) पर केंद्रित है और विद्यार्थियों को कारोबार शुरू करने तथा उसका प्रबंधन करने की बुनियादी बातें बताता है।

यह भी पढ़ें- विदेशी निवेशखों को सेबी ने दिया बड़ा तोहफा, भारत आए बिना कर सकेंगे डिजिटल केवाईसी

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।