रात में ड्राइव पर जाना चाहती थी पत्नी..., नौसेना में कैप्टन पति ने बेरहमी से पीटा; 3 दिन अस्पताल में भर्ती रही
दिल्ली कैंट में कार की चाबी को लेकर हुए मामूली विवाद में एक नौसेना कैप्टन ने अपनी पत्नी को बच्चों ...और पढ़ें

नौसेना के कैप्टन ने बच्चों के सामने पत्नी को पीटा। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
नौसेना कैप्टन ने कार की चाबी पर पत्नी को पीटा
बच्चों के सामने हुई मारपीट, पत्नी गंभीर रूप से घायल
दिल्ली कैंट पुलिस ने कैप्टन के खिलाफ मामला दर्ज किया
जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। दिल्ली कैंट में कार की चाबी को लेकर हुए मामूली विवाद में भारतीय नौसेना के एक कैप्टन ने अपनी पत्नी की बच्चों के सामने पिटाई कर दी।
अधिकारी ने पत्नी का हाथ मरोड़ने के बाद उनके सिर पर ताबड़तोड़ मुक्के मारे। मां को बचाने के लिए 16 वर्षीय बेटी और 11 वर्षीय बेटा रोते-बिलखते रहे, लेकिन आरोपी ने उनकी बात नहीं सुनी।
सिर में गंभीर चोट, तीन दिन अस्पताल में भर्ती
सिर में गंभीर चोट लगने के बाद महिला को तीन दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। दिल्ली कैंट थाना पुलिस ने महिला की शिकायत पर कैप्टन यतिश कपुचंद बडौतिया के खिलाफ बीएनएस के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता मेघा यतिश बडौतिया दिल्ली कैंट के अर्जन विहार में परिवार के साथ रहती हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि 25 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे वह घर से ड्राइव पर जाना चाहती थीं।
पर पति ने बाहर जाने से रोक लिया और चाबी नहीं देने पर उनका बायां हाथ मरोड़ दिया और सिर के बाईं ओर लगातार मुक्के मारे।
इस दौरान बेटी ने पिता को रोकने और मां को बचाने की कोशिश की। बेटा भी मां को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोप है कि अधिकारी ने बच्चों की बात अनसुनी कर दी।
बच्चों के सामने पत्नी से मारपीट
महिला किसी तरह खुद को छुड़ाकर घर से बाहर निकलने में सफल रहीं। मारपीट के बाद उनके सिर में तेज दर्द और चक्कर आने के बाद उन्होंने रात करीब 11:06 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष को फोन कर मदद मांगी।
मौके पर पहुंची पीसीआर ने उन्हें चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह दी। इसके बाद महिला के देवर लेफ्टिनेंट कर्नल जय कुमार उन्हें आर्मी हॉस्पिटल रिसर्च एंड रेफरल (एएचआरआर), दिल्ली कैंट ले गए। 26 सितंबर को सीटी स्कैन जांच के बाद उन्हें न्यूरोसर्जरी विभाग में भर्ती किया गया।
शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज
जहां वह तीन दिन तक भर्ती रहीं और 29 सितंबर को उन्हें छुट्टी मिली। महिला ने अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद 30 सितंबर को दिल्ली कैंट थाने में लिखित शिकायत दी थी, पर उन्होंने सदमे और मानसिक तनाव के कारण शिकायत पर कुछ दिन कार्रवाई नहीं करने का अनुरोध किया था।
हालांकि, बाद में उन्होंने अपना अनुरोध वापस लेते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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