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नमामि गंगे से यमुना को सहारा, 1500 करोड़ रुपये से सफाई के काम को रफ्तार मिलने की उम्मीद

Published: Wed, 25 Mar 2026 10:53 PM (IST)

दिल्ली में यमुना सफाई अभियान को नमामि गंगे से 1500 करोड़ रुपये का सहारा मिला है। इस बजट से सीवेज ...और पढ़ें

स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपये आवंटित।

स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपये आवंटित।

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संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वच्छ व अविरल यमुना के वादे के साथ भाजपा दिल्ली की सत्ता में पहुंची है। सत्ता में आने के बाद ही इस दिशा में काम शुरू हो गया था। पहले बजट (वित्त वर्ष 2025-26) में इसके लिए 1790 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। इस बार के बजट में स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत 1500 करोड़ रुपये मिलने की बात कही गई है। इससे यमुना की सफाई के काम को गति मिलने की उम्मीद है।

पिछली बार की तरह इस बार के बजट भाषण में यमुना की सफाई को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं था। लेकिन, सीवेज उपचार क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित करने के साथ ही नई सीवर लाइन बिछाने की घोषणा की गई। इससे यमुना को स्वच्छ करने में मदद मिलेगी। नदी में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण नालों व सीवर का गंदा पानी गिरना है।

27 डीएसटीपी बनाने को मंजूरी

इसके लिए पिछली बजट में यमुना सफाई के लिए आवंटित 1790 करोड़ रुपये में से लगभग एक हजार रुपये विकेंद्रीकृत सीवेज उपचार संयंत्र (डीएसटीपी) बनाने और चालू सीवरेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) के उन्नयन के लिए दिए गए थे। पिछले वर्ष 27 डीएसटीपी बनाने को मंजूरी देने के साथ ही 15 पर काम शुरू कर दिया गया।

इसके साथ ही डीएसटीपी बनाने व सीवर लाइन बिछाने के काम पर लगभग 1964.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आठ एसटीपी का उन्नयन कार्य भी पूरा कर लिया गया। इससे इनकी क्षमता बढ़ी है। ओखला फेज-5, घिटोरनी, वसंत कुंज, यमुना विहार फेज-1, केशवपुर फेज-1 और यमुना विहार फेज-3 एसटीपी का उन्नयन कार्य चल रहा है।

इस वर्ष के अंत तक सभी एसटीपी की गुणवत्ता मानक के अनुरूप करने का भी वादा किया गया है। सोनिया विहार में 7 एमजीडी और दिल्ली गेट पर 10 एमजीडी क्षमता के एसटीपी का काम चल रहा है। 10 नए बनाने का भी प्रस्ताव है।

1500 करोड़ रुपये से काम में तेजी आने की उम्मीद

दिल्ली में प्रतिदिन अनुमानित 990 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) सीवेज उत्पन्न होता है। इन्हें शोधित करने के लिए 37 एसटीपी हैं। दिसंबर, 2024 में इनकी क्षमता 742 एमजीडी थी। सितंबर, 2025 में यह बढ़कर 794.26 एमजीडी हो गई। इनसे अभी 708.7 एमजीडी सीवेज उपचारित होता है। इस बार के बजट में सीवेज उपचार क्षमता 1500 एमजीडी करने की घोषणा की गई है। नमामि गंगे से मिलने वाले 1500 करोड़ रुपये से इस काम में तेजी आने की उम्मीद है।

नदी की सफाई के लिए आधुनिक मशीनें खरीदी जा रही हैं। पहले चरण में नदी को दूषित करने में सबसे प्रमुख भूमिका निभाने वाले नजफगढ़ नाले की मशीन से सफाई शुरू की गई है।

पिछले वर्ष आठ एसटीपी का उन्नयन कार्य किया गया

क्र.सं. एसटीपी का नाम विवरण क्षमता (MGD)
1 केशोपुर फेज़ 2 एवं 3 उन्नयन 40 से 60 MGD
2 कोंडली फेज़ 4 उन्नयन 45 MGD
3 रोहिणी उन्नयन 15 से 25 MGD
4 कोरोनेशन पिलर फेज़ 1 एवं 2 उन्नयन 20 MGD
5 कोरोनेशन पिलर फेज़ 3 उन्नयन 10 MGD
6 नरेला उन्नयन 10 से 15 MGD
7 यमुना विहार फेज़ 2 उन्नयन 10 से 15 MGD
8 नजफगढ़ उन्नयन 5 MGD (₹63.71 करोड़)
कुल उन्नयन 215 MGD
कुल क्षमता वृद्धि 40 MGD

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