'शांति को देनी होगी प्राथमिकता, इसके बिना नहीं मिलेगी सुरक्षा', जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पश्चिम एशिया संघर्ष पर संवाद
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पश्चिम एशिया संघर्ष पर संवाद हुआ। यूएनएओसी के अंडर सेक्रेटरी जनरल मिगुएल एंजेल मोरेटिनोस ने शांति ...और पढ़ें

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पश्चिम एशिया संघर्ष पर संवाद हुआ।
HighLights
शांति को प्राथमिकता देना सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक।
युद्धों पर भारी खर्च, मानवता की मुख्य समस्याएँ उपेक्षित।
विश्वविद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण, युवा भागीदारी को बढ़ावा दें।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बुधवार को पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत में अपने आधिकारिक दौरे के दौरान यूनाइटेड नेशंस अलायंस आफ सिविलाइजेशंस के अंडर सेक्रेटरी जनरल मिगुएल एंजेल मोरेटिनोस ने मौजूदा संघर्ष को लेकर कहा कि हमें शांति को प्राथमिकता देनी होगी।
शांति के बिना हमें कभी सुरक्षा नहीं मिलेगी। पिछले चार दशक में सरकारों ने सुरक्षा को सबसे पहले रखा है और वे विफल रहे हैं। हर बार जब हम सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं, हम विफल होते हैं।
उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि हम इंसानियत के सामने मौजूद मुख्य समस्याओं जैसे गरीबी, भुखमरी, शिक्षा और सस्टेनेबल हेल्थ को हल करने पर ध्यान देने के बजाय युद्धों पर खरबों डालर खर्च कर रहे हैं। अलग संस्कृति, अलग देश और अलग सभ्यता के बावजूद हम सब मिलकर इंसानियत बनाते हैं।
जिम्मेदार वैश्विक नागरिकों को आकार देने में विश्वविद्यालयों की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने संस्कृतियों के बीच सेतु निर्माण में अधिक युवा भागीदारी को प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. मजहर आसिफ, यूएनएओसी के निदेशक निहाल साद आदि मौजूद रहे।
